No Helmet, No Fuel: यूपी में अब बिना हेलमेट नहीं मिलेगा पेट्रोल, रोड सेफ्टी को लेकर नया नियम जारी

उत्तर प्रदेश सरकार राज्यव्यापी सड़क सुरक्षा अभियान, 'No Helmet, No Fuel’ शुरू करने जा रही है। इसके तहत हेलमेट नहीं पहनने वाले दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल पंपों पर तेल नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के निर्देशों के अनुसार 1 सितंबर से विशेष सड़क सुरक्षा अभियान, 'हेलमेट नहीं, तो पेट्रोल नहीं' शुरू किया जाएगा। यह कैंपेन 30 सितंबर तक चलेगा

अपडेटेड Aug 27, 2025 पर 4:54 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
UP New Traffic Rules : यूपी में एक सितंबर से 'हेलमेट नहीं, तो पेट्रोल नहीं' अभियान शुरू किया जाएगा

UP Traffic New Rules : उत्तर प्रदेश में अब बिना हेलमेट पहने अगर आप पेट्रोल पंप पर पहुंच गए तो आपको तेल नहीं मिलेगा। जी हां, उत्तर प्रदेश सरकार राज्यव्यापी सड़क सुरक्षा अभियान, 'No Helmet, No Fuel’ शुरू करने जा रही है। इसके तहत हेलमेट नहीं पहनने वाले दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल पंपों पर तेल नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के निर्देशों के अनुसार 1 सितंबर से विशेष सड़क सुरक्षा अभियान, 'हेलमेट नहीं, तो पेट्रोल नहीं' शुरू किया जाएगा। यह अभियान 30 सितंबर तक चलेगा।

यूपी की राजधानी लखनऊ में बुधवार (30 अगस्त) को जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह कैंपेन जिलाधिकारी के नेतृत्व में जिला सड़क सुरक्षा समिति के समन्वय से चलाया जाएगा। बयान के अनुसार, इस अवधि में पुलिस, राजस्व/जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारी निगरानी की जिम्मेदारी निभाएंगे।

सड़क सुरक्षा समितियों के समन्वय में जिलाधिकारियों के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान में पुलिस, परिवहन, राजस्व और जिला प्रशासन के अधिकारी संयुक्त रूप से काम करेंगे। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दोपहिया वाहन चालक मोटर वाहन अधिनियम के तहत हेलमेट नियमों का पालन करें।

योगी सरकार ने आम लोगों से इस अभियान में पूर्ण सहयोग देने की अपील की है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 129 दोपहिया वाहन चालक और पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य करती है। धारा 194 D उल्लंघन पर दंड का प्रावधान करती है।

सरकार के अनुसार, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 129, दोपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठे यात्रियों दोनों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य बनाती है। जबकि धारा 194डी उल्लंघन के लिए दंड का प्रावधान करती है। सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति ने भी राज्यों को हेलमेट नियमों के पालन को प्राथमिकता देने की सलाह दी है।

सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति ने भी राज्यों को हेलमेट संबंधी नियम के अनुपालन को प्राथमिकता देने का सलाह दिया है। राज्य सरकार ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य दंडित करना नहीं। बल्कि नागरिकों को कानून के अनुरूप और अपनी सुरक्षा के लिए कदम उठाने के लिए प्रेरित करना है।


परिवहन आयुक्त बृजेश नारायण सिंह ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, "यह अभियान दंड नहीं बल्कि सुरक्षा का संकल्प है। यह अभियान एक से 30 सितंबर तक चलेगासभी नागरिकों, पेट्रोल पंप संचालकों और तेल कंपनियों से अपील है कि वे इसमें पूर्ण सहयोग दें 'हेलमेट पहले, पेट्रोल बाद में' को नियम बनाएं, क्योंकि हेलमेट पहनना जीवन का सबसे सरल बीमा है।

सरकार ने कहा है कि 'हेलमेट नहीं, तो पेट्रोल नहीं' कैंपेन का उद्देश्य किसी को दंड देना नहीं। बल्कि आम नागरिकों को कानून के अनुसार सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

ये भी पढ़ें- अमित शाह ने 'ऑपरेशन महादेव' के जवानों को किया सम्मानित, बोले- 'आतंक के आकाओं को स्पष्ट संदेश दिया'

कैंपेन को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को पेट्रोल पंपों पर आवश्यक समन्वय और निगरानी का अधिकार दिया गया है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को भी इसके बारे में जागरूकता फैलाने का दायित्व सौंपा गया है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।