भले ही दुनिया के ज्यादातर देशों में राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री सरकार चलाते हों, लेकिन कुछ देशों में आज भी राजशाही की परंपरा जीवित है। कुछ ऐसे देश हैं, जहां राजा, सुल्तान, अमीर या धार्मिक प्रमुख ही देश की सत्ता संभालते हैं। सदियों पुरानी यह परंपरा आज भी इन देशों में पूरी तरह कायम है। आइए जानते हैं ऐसे की कुछ देशों के बारे में जहां आज भी राजशाही है।
सऊदी अरब में राजशाही व्यवस्था लागू है, जहां देश का सर्वोच्च पद राजा के पास होता है। राजा ही देश के प्रमुख और सरकार के सबसे बड़े फैसले लेने वाले होते हैं। इसलिए यहां राष्ट्रपति का कोई पद नहीं है। वर्तमान में सऊदी अरब की कमान किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद के हाथों में है, जो देश के शासन और नीतियों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
ओमान में शासन की जिम्मेदारी सुल्तान के हाथों में होती है, जिनके पास देश चलाने के व्यापक अधिकार हैं। सुल्तान ही प्रशासन, विदेश नीति और महत्वपूर्ण सरकारी फैसलों की देखरेख करते हैं, इसलिए यहां राष्ट्रपति का कोई पद नहीं है। वर्तमान में ओमान का नेतृत्व सुल्तान हैथम बिन तारिक कर रहे हैं।
ब्रुनेई में भी राजशाही व्यवस्था लागू है, जहां देश की कमान सुल्तान के हाथों में होती है। मौजूदा सुल्तान हसनल बोल्किया देश के सर्वोच्च नेता हैं और सरकार के अहम फैसले लेते हैं। खास बात यह है कि वह सिर्फ देश के प्रमुख ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी भी निभाते हैं। इसी वजह से ब्रुनेई में राष्ट्रपति का कोई पद नहीं है।
कतर में वंशानुगत राजशाही व्यवस्था है, जहां देश का नेतृत्व अमीर करते हैं। अमीर के पास सरकार चलाने और महत्वपूर्ण राजनीतिक व प्रशासनिक फैसले लेने का अधिकार होता है। इसलिए कतर में राष्ट्रपति का कोई पद नहीं है। वर्तमान में शेख तमीम बिन हमद अल थानी देश के अमीर हैं और वही देश की बागडोर संभाल रहे हैं।
अफ्रीकी देश इस्वातिनी, जिसे पहले स्वाजीलैंड के नाम से जाना जाता था, आज भी पूर्ण राजशाही व्यवस्था वाला देश है। यहां देश की सत्ता राजा मस्वाती तृतीय (मखोसेटिव दलामिनी) के हाथों में है। सरकार और प्रशासन से जुड़े प्रमुख फैसले राजा ही लेते हैं, इसलिए यहां किसी निर्वाचित राष्ट्रपति का पद नहीं है।
वेटिकन सिटी दुनिया का सबसे छोटा स्वतंत्र देश है और यहां का शासन पोप के हाथों में होता है। पोप रोमन कैथोलिक चर्च के धार्मिक प्रमुख होने के साथ-साथ वेटिकन सिटी के सर्वोच्च शासक भी होते हैं। देश के प्रशासन, कानून और न्याय से जुड़े प्रमुख अधिकार भी उनके पास ही होते हैं, इसलिए यहां राष्ट्रपति का कोई पद नहीं है।