शेयर बाजार में निवेश शुरू करने की कोई तय उम्र नहीं होती, लेकिन अगर निवेशक की उम्र महज 28 दिन हो तो यह बात किसी को भी चौंका सकती है। Nithin Kamath ने हाल ही में एक ऐसे ही बेहद कम उम्र के ग्राहक का जिक्र किया, जिसने निवेश की दुनिया में कदम रखते ही लोगों का ध्यान खींच लिया। कामथ के मुताबिक, Zerodha के नए ग्राहकों में एक नवजात बच्चा भी शामिल है। बच्चे के माता-पिता ने उसके नाम पर माइनर अकाउंट खुलवाया और जन्म के कुछ ही समय बाद उसमें निवेश भी शुरू कर दिया। इस मामले ने सोशल मीडिया पर निवेश को लेकर एक दिलचस्प चर्चा शुरू कर दिया है।
जन्म के कुछ दिनों बाद ही शुरू हुआ निवेश
नितिन कामथ ने बताया कि यह बच्चा जन्म के सिर्फ 28 दिन बाद Zerodha का ग्राहक बन गया था। उसके माता-पिता ने माइनर अकाउंट खोलने के बाद करीब एक सप्ताह के भीतर पहला निवेश किया। यह मामला इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि आमतौर पर लोग निवेश की शुरुआत नौकरी या कमाई शुरू करने के बाद करते हैं। लेकिन कुछ माता-पिता अब बच्चों के भविष्य के लिए वित्तीय योजना काफी पहले से शुरू करने पर जोर दे रहे हैं।
क्या बच्चों के नाम पर निवेश करना सही रणनीति है?
इस घटना के बाद निवेशकों के बीच बहस शुरू हो गई कि बच्चों के लिए कम उम्र में निवेश शुरू करने के क्या फायदे हो सकते हैं। कुछ लोगों का मानना है कि लंबे समय तक निवेश जारी रखने पर छोटी रकम भी समय के साथ बड़ी पूंजी में बदल सकती है। एक यूजर ने सुझाव दिया कि माता-पिता अपने बच्चों के लिए अलग डीमैट अकाउंट रख सकते हैं। इससे शिक्षा, उच्च पढ़ाई या भविष्य की दूसरी जरूरतों के लिए बनाई गई रकम को रिटायरमेंट जैसे दूसरे वित्तीय लक्ष्यों से अलग रखना आसान हो सकता है। हालांकि, बच्चों के नाम पर निवेश करते समय नियम, टैक्स और अकाउंट संचालन से जुड़े प्रावधानों को समझना भी जरूरी है।
28 दिन के ‘नन्हे निवेशक’ पर खूब बने मीम्स
नन्हे निवेशक की कहानी ने गंभीर वित्तीय चर्चा के साथ-साथ सोशल मीडिया पर मजेदार प्रतिक्रियाएं भी बटोरीं। कुछ यूजर्स ने मजाक में कहा कि बच्चा अभी ठीक से दुनिया समझ भी नहीं पाया और उसके पास पहले से शेयर बाजार का पोर्टफोलियो मौजूद है। कई लोगों ने यह भी कहा कि इस कहानी का असली संदेश उम्र नहीं, बल्कि समय की ताकत है। जितनी जल्दी निवेश शुरू होता है, उतना ही लंबा समय पैसे को बढ़ने का मौका मिलता है।
खिलौनों की जगह शेयर देने वाली कहानी हुई वायरल
इस चर्चा में एक यूजर ने अनुभवी निवेशक रमेश दमानी से जुड़ी एक पुरानी कहानी भी साझा की। कमेंट के मुताबिक, एक बच्चे के नामकरण समारोह में मेहमान आमतौर पर खिलौने, कपड़े, मिठाई और नकद पैसे लेकर पहुंचे थे। लेकिन एक मेहमान ने अलग रास्ता चुना और करीब 50,000 रुपये के HDFC Bank के शेयर उपहार में दिए। दावा किया गया कि दशकों के दौरान यह निवेश कई मिलियन रुपये की वैल्यू तक पहुंच गया, जबकि समारोह में मिले बाकी पारंपरिक उपहार समय के साथ भुला दिए गए।