गर्लफ्रेंड पर खर्च कर दिए ₹3.5 करोड़! ब्रेकअप के बाद वापस मांगने कोर्ट पहुंचा भारतीय मूल का CEO, जज ने की मजेदार टिप्पणी
Viral Story: भारतीय मूल के एक CEO ने अपनी पूर्व गर्लफ्रेंड पर रिश्ते के दौरान लगभग $468,090 (करीब 3.5 करोड़ रुपये) खर्च किए थे। ब्रेक-अप के बाद इन पैसों को वापस पाने के लिए उन्होंने कानूनी लड़ाई लड़ी, लेकिन वे हार गए। TCI एक्सप्रेस लिमिटेड के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर चंदर अग्रवाल ने सिंगापुर के हाई कोर्ट में अपनी पूर्व गर्लफ्रेंड फेलिशिया ली के खिलाफ केस किया था
Viral Story: सख्स का दावा था कि उन्होंने जो पैसे गर्लफ्रेंड पर खर्च किए थे, वे बिना ब्याज वाले लोन के तौर पर दिए गए थे
Viral Story: प्यार में अपनी गर्लफ्रेंड पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद ब्रेकअप होने पर वही रकम वापस मांगना एक भारतीय मूल के कारोबारी को भारी पड़ गया। सिंगापुर हाई कोर्ट ने करीब $4,68,090 (लगभग ₹3.5 करोड़) खर्च की रकम वापस लेने की उनकी याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने पाया कि इस रकम का बड़ा हिस्सा लोन नहीं, बल्कि गर्लफ्रेंड को दिए गए महंगे तोहफे थे। यह पूरा मामला TCI एक्सप्रेस लिमिटेड के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) चंदर अग्रवाल एवं उनकी पूर्व गर्लफ्रेंड फेलिशिया ली से जुड़ा है।
अग्रवाल ने ब्रेकअप के बाद सिंगापुर हाई कोर्ट में ली के खिलाफ मुकदमा दायर करते हुए दावा किया था कि रिलेशनशिप के दौरान उन्होंने जो पैसे खर्च किए थे, वे ब्याज मुक्त लोन (Interest-Free Loans) के तौर पर दिए गए थे। उसने कहा कि ली को यह रकम वापस करनी थी। हालांकि, कोर्ट ने 9 सितंबर को उनके दावे को खारिज कर दिया।
फ्लाइट में हुई थी पहली मुलाकात
चंदर अग्रवाल और फेलिशिया ली की पहली मुलाकात साल 2019 में एक फ्लाइट के दौरान हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और सितंबर 2022 में उनका रोमांटिक रिश्ता शुरू हुआ। रिश्ता दिसंबर 2023 में खत्म हो गया। बताया गया कि अग्रवाल को ली पर किसी और के साथ संबंध होने का शक हुआ था, जिसके बाद दोनों का रिश्ता खराब तरीके से खत्म हुआ। रिलेशनशिप के दौरान अग्रवाल ने ली पर बड़ी रकम खर्च की। बाद में यही खर्च कोर्ट में विवाद का विषय बन गया।
क्रेडिट कार्ड से लेकर विदेश यात्राओं तक लाखों खर्च
अग्रवाल द्वारा किए गए जिन खर्चों को लेकर विवाद हुआ, उनमें करीब $2,06,000 (लगभग ₹1.5 करोड़) के क्रेडिट कार्ड खर्च शामिल थे। इसके अलावा उन्होंने करीब:-
$1,29,000 विदेश यात्राओं पर खर्च किए।
$17,000 फेंग शुई मास्टर की फीस के लिए दिए।
करीब $30,000 स्टैनफोर्ड-एनयूएस एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम के लिए खर्च किए।
इसके अलावा लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम और फेलिशिया की निजी एवं कारोबारी जरूरतों से जुड़े कुछ अन्य खर्च भी थे। अग्रवाल का दावा था कि इनमें से कई भुगतान उन्होंने बतौर लोन किए थे और फेलिशिया को यह रकम लौटानी थी।
CEO ने कहा- गर्लफ्रेंड ने लोन मांगा था
अग्रवाल ने कोर्ट में दलील दी कि फेलिशिया ने उनसे ब्याज-मुक्त कर्ज मांगा था और दोनों के बीच रकम वापस करने पर सहमति हुई थी। अपने दावे के समर्थन में उन्होंने एक समझौते का भी हवाला दिया, जिस पर उनका कहना था कि फेलिशिया के शुरुआती अक्षर यानी इनिशियल्स मौजूद थे। लेकिन फेलिशिया ने इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि अग्रवाल ने जो भी रकम खर्च की, वह गिफ्ट या रिश्ते के दौरान अपनी इच्छा से किए गए भुगतान थे, कोई कर्ज नहीं।
कोर्ट को नहीं मिला लोन का पर्याप्त सबूत
सिंगापुर हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि अग्रवाल यह साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सके कि फेलिशिया ने इन रकमों को लोन के रूप में मांगा था या उन्हें वापस करने की स्पष्ट सहमति दी थी। कोर्ट ने दोनों के बीच हुई बातचीत और मैसेज को भी महत्वपूर्ण माना।
इन संदेशों से यह संकेत मिला कि अग्रवाल कई बार खुद फेलिशिया के खर्च उठाने की पेशकश करते थे। फेंग शुई से जुड़े करीब $17,000 के खर्च के मामले में भी कोर्ट ने पाया कि यह फेलिशिया की ओर से लिए गए कर्ज का मामला नहीं था। बल्कि अग्रवाल ने खुद फेंग शुई सेवा का मुद्दा उठाया था और उसका खर्च देने की पेशकश की थी।
'प्यार में बुरी तरह डूबे हुए थे CEO'
मामले की सुनवाई कर रहे सीनियर जज ली सियू किन ने अपने फैसले में कहा कि उपलब्ध सबूतों से पता चलता है कि चंदर अग्रवाल फेलिशिया ली के प्यार में बुरी तरह डूबे हुए थे और रिश्ते के दौरान उन्होंने उस पर महंगे तोहफों की बारिश कर दी थी। जज के मुताबिक, रिश्ता खराब तरीके से खत्म होने के बाद अग्रवाल का रवैया बदल गया। उन्होंने कहा कि ब्रेकअप के बाद अग्रवाल कड़वे हो गए और उससे इसकी कीमत वसूलने के लिए दृढ़ थे।
कोर्ट ने मुकदमा किया खारिज
सिंगापुर हाई कोर्ट ने आखिरकार निष्कर्ष निकाला कि विवादित रकम का अधिकांश हिस्सा गिफ्ट था, लोन नहीं। इसलिए फेलिशिया ली को करीब ₹3.5 करोड़ वापस करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने चंदर अग्रवाल का दावा खारिज कर दिया और मामले की कानूनी लागत भी उनके खिलाफ तय की। यानी जिस रकम को CEO ने ब्रेकअप के बाद वापस पाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने उसे रिश्ते के दौरान दिए गए महंगे तोहफे माना और उनकी रिकवरी की मांग को ठुकरा दिया।