Viral Video: भारतीय रेलवे की AC ट्रेनों में यात्रियों को दिए जाने वाले बेडरोल, चादर और तौलिये के गायब होने का मुद्दा सोशल मीडिया पर एक बार फिर चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में एक कपल रेलवे की चादरें अपने सामान में ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है। इस दौरान पकड़े जाने पर महिला ने सफाई देते हुए दावा किया कि उन्होंने चादरें इसलिए रख ली थीं क्योंकि TTE ने उनसे अधिक पैसे लिए थे। बता दें कि ऐसी चारी की खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं।
AC कोच से बेडशीट और तौलिए जैसे सामान का गायब होना लंबे समय से भारतीय रेलवे के लिए चिंता का विषय रहा है। इस समस्या से न केवल रेलवे को नुकसान हुआ है। बल्कि यह सवाल भी उठा है कि जब इन्वेंट्री से ये चीजें गायब हो जाती हैं तो इनकी कीमत कौन चुकाता है।
सूटकेस खुलवाया तो अंदर मिलीं रेलवे की चादरें
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर @arunruby08 नाम के यूजर की तरफ से शेयर किए गए वीडियो में एक व्यक्ति प्लेटफॉर्म पर खड़ा दिखाई देता है। वीडियो बना रहा शख्स उससे सूटकेस खोलने के लिए कहता है। यात्री के बैग खोलने पर उसमें रेलवे की ओर से उपलब्ध कराई गई चादरों का एक पैकेट दिखाई देता है, जिसे वह बाहर निकालकर वापस कर देता है। इस दौरान महिला वीडियो बनाए जाने पर आपत्ति जताती है। वह इसे 'फालतू का ड्रामा' बताती है।
वह बार-बार वीडियो रिकॉर्डिंग बंद करने के लिए कहती है। जब उनसे पूछा जाता है कि अतिरिक्त पैसे किसने लिए थे, तो महिला जवाब देती है- TC ने...।" इसके बाद वीडियो बना रहा व्यक्ति उन्हें याद दिलाता है कि बेडशीट रेलवे की संपत्ति है, TTE की नहीं, जिसे अतिरिक्त पैसे लिए जाने के कारण अपने साथ ले जाया जा सकता है। महिला फिर कहती है कि उन्होंने अतिरिक्त पैसे लिए जाने की वजह से चादरें रख ली थीं और अब उन्हें वापस कर रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर बहस शुरू हो गई। कई यूजर्स ने कपल की सफाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रेन में यात्रियों को दी जाने वाली चादरें और कंबल यात्रा के बाद वापस किए जाने होते हैं। एक यूजर ने लिखा, "इसे लगा कि टिकट के साथ फ्री है, कुर्ता-पायजामा बनाने के लिए।" वहीं, दूसरे यूजर ने लिखा, "इसी को कहते हैं चोरी और सीनाजोरी...।"
एक अन्य शख्स ने लिखा, "एक तो चोरी, ऊपर से तेवर तो देखो।" एक और यूजर ने कहा, "क्या टाइम आ गया है... खुद गलत भी करो और झगड़ा, गुस्सा भी दिखाओ।" कुछ यूजर्स ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग भी की। एक कमेंट में रेलवे से PNR के जरिए यात्रियों की जानकारी निकालकर कानूनी नोटिस और जुर्माना भेजने की मांग की गई है। इसी टिप्पणी में दावा किया गया कि 2022 के बाद चार वर्षों में 1.27 करोड़ चादरें, तौलिये, कंबल और तकिए चोरी हुए हैं। हालांकि, इस आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
रेलवे के सामने पुरानी चुनौती है चोरी कांड
ट्रेनों से लिनेन गायब होने की समस्या रेलवे के लिए लंबे समय से चिंता का विषय रही है। चादर, कंबल और तौलिये जैसी वस्तुओं के गायब होने से रेलवे के इन्वेंट्री पर असर पड़ता है। उनकी दोबारा खरीद पर अतिरिक्त खर्च होता है। हालांकि, वायरल वीडियो में महिला द्वारा TTE पर एक्स्ट्रा पैसे लिए जाने का आरोप लगाया गया है। इस आरोप की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल, इस बारे में भारतीय रेलवे की प्रतिक्रिया का इंतजार है।