WhatsApp ला रहा है Username फीचर, प्राइवेसी होगी मजबूत या बढ़ेंगे ऑनलाइन फ्रॉड? जानिए पूरी बात

WhatsApp new feature: WhatsApp जल्द ही Username फीचर लाने वाला है, जिससे यूजर्स बिना मोबाइल नंबर शेयर किए एक यूनिक पहचान बना सकेंगे। इस फीचर से प्राइवेसी बढ़ेगी और लोगों से जुड़ना आसान होगा। कंपनी ने इसके लिए कुछ नियम भी तय किए हैं ताकि हर यूजर का अलग और सुरक्षित यूजरनेम हो सके

अपडेटेड Jun 30, 2026 पर 1:30 PM
WhatsApp new feature: वारिकू की पोस्ट के बाद कई लोगों ने उनकी चिंता से सहमति जताई।

WhatsApp जल्द ही अपने यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आने वाला है, जिसका नाम है Username फीचर। इस नए फीचर के जरिए लोग अपनी एक यूनिक डिजिटल पहचान बना सकेंगे और दूसरों से जुड़ने के लिए मोबाइल नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं होगी। यह कदम ऐप में प्राइवेसी और सेफ्टी को और मजबूत करने की दिशा में माना जा रहा है। यूजर्स अब अपने मनपसंद यूजरनेम चुन सकेंगे, जिससे चैटिंग का तरीका पहले से ज्यादा आसान और सुरक्षित हो जाएगा।

साथ ही, WhatsApp ने इस फीचर के लिए कुछ खास नियम भी तैयार किए हैं, ताकि हर यूजर का नाम अलग और वैध हो तथा किसी तरह की कॉपी या गलत पहचान से बचा जा सके। इस बदलाव को सोशल मीडिया और टेक वर्ल्ड में एक बड़े अपडेट के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में ऑनलाइन बातचीत के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है।

प्राइवेसी के साथ बढ़ेग चुनौतियां


WhatsApp का कहना है कि यह फीचर यूजर्स की प्राइवेसी को मजबूत करेगा, क्योंकि अब हर बातचीत के लिए फोन नंबर साझा करना जरूरी नहीं होगा। हालांकि, इस फीचर के सामने आते ही साइबर सुरक्षा और फर्जी पहचान को लेकर नई चिंताएं भी सामने आने लगी हैं।

अंकुर वारिकू ने जताई बड़ी चिंता

उद्यमी और कंटेंट क्रिएटर अंकुर वारिकू ने इस फीचर को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी चिंता जाहिर की। उनका कहना है कि अगर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था नहीं बनाई गई, तो ठग ऐसे यूजरनेम बना सकते हैं जो किसी प्रसिद्ध व्यक्ति से मिलते-जुलते हों और लोगों को आसानी से धोखा दे सकते हैं।

'भारत जैसे देश में यह खतरनाक साबित हो सकता है'

वारिकू ने कहा कि भारत जैसे देश में ऑनलाइन ठगी पहले से ही बड़ी समस्या है। अगर किसी ठग ने warikoo, ankur_warikoo या इससे मिलते-जुलते यूजरनेम बनाकर लोगों से पैसे मांगे, तो कई लोग आसानी से भ्रमित हो सकते हैं। उनके अनुसार, ऐसे मामलों को रोकने के लिए WhatsApp को मजबूत एंटी-अब्यूज सिस्टम लागू करना होगा।

पहले भी उठा चुके हैं फर्जी विज्ञापनों का मुद्दा

वारिकू ने बताया कि वह पहले भी Meta के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ चुके हैं। उनका आरोप था कि AI से बने फर्जी विज्ञापनों में उनकी तस्वीर का इस्तेमाल कर लोगों को निवेश वाले WhatsApp ग्रुप में जोड़ने की कोशिश की गई थी। उनका मानना है कि इसी तरह की ठगी नए Username फीचर के जरिए भी बढ़ सकती है।

सोशल मीडिया पर यूजर्स भी बंटे

वारिकू की पोस्ट के बाद कई लोगों ने उनकी चिंता से सहमति जताई। कुछ यूजर्स का कहना था कि अगर WhatsApp को सच में प्राइवेसी बढ़ानी थी, तो उसे ऐसे विकल्प देने चाहिए थे जिनसे केवल कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोग ही मैसेज या कॉल कर सकें।

4 अंकों का PIN भी होगा, फिर भी चिंता बरकरार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, WhatsApp यूजरनेम के साथ 4 अंकों का PIN भी जोड़ेगा, जिससे गलत व्यक्ति तक पहुंचना आसान नहीं होगा। इसके बावजूद कई यूजर्स का मानना है कि यह फीचर प्लेटफॉर्म की मूल पहचान को बदल सकता है और फर्जी अकाउंट्स के लिए नए रास्ते खोल सकता है।

पहले 93 लाख, अब फिर मिला 30 लाख का हीरा! पन्ना में इस परिवार की किस्मत देख लोग हैरान

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।