कभी फीस के लिए छोड़ी थी इंजीनियरिंग...आज कोचिंग में पढ़ते हैं हजारों छात्र, जानें कौन हैं खान सर विवाद में घिरे रौशन आनंद

अपडेटेड Jun 05, 2026 पर 3:53 PM
'ज्ञान बिंदु कोचिंग' के डायरेक्टर बनने से पहले, रौशन आनंद की जिंदगी गरीबी और दिक्कतों से भरी थी।

भीड़-भाड़ वाले कोचिंग हब और यहां सरकारी नौकरी पाने का कोशिश में लगे हुए हजारों उम्मीदवार...बिहार की राजधानी पटना की एक पहचान ये भी है। वहीं कोचिंग हब वाले इन इलाकों में हाल ही में दो नाम अलग-अलग वजहों से चर्चा में हैं। एक तरफ फेमस टीचर खान सर हैं, तो दूसरी तरफ रौशन आनंद हैं। दोनों ही टीचर इस समय कानूनी विवादों के कारण सुर्खियों में हैं। हाल ही में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रौशन आनंद को गिरफ्तार किया है। उन पर एक दूसरी कोचिंग पर हमला करवाने के आरोप लगे हैं। वहीं खान सर पर भी केस दर्ज हुआ है। लेकिन इस पूरे विवाद के पीछे की कहानी सिर्फ इस झगड़े तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कहीं ज़्यादा गहरी है।

बता दें कि, 'ज्ञान बिंदु कोचिंग' के डायरेक्टर बनने से पहले, रौशन आनंद की जिंदगी गरीबी और दिक्कतों से भरी थी। उन्होंने अपने हालातों से एक लंबा और खामोश संघर्ष किया है। यह कहानी उसी संघर्ष को बयां करती है, न कि इस बात का फैसला करती है कि कौन सही है और कौन गलत।

गांव की गलियों से पढ़ाई का सपना


रौशन आनंद का जन्म बिहार के सहरसा जिले के धमसेना गांव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। उस इलाके के बाकी लोगों की तरह उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं थी। घर का खर्च खेती-बाड़ी और कड़ी मेहनत से चलता था। उनके पास न तो कोई ऐशो-आराम के साधन थे, न ट्यूशन पढ़ने के पैसे और न ही किसी बड़े अंग्रेजी स्कूल की सुविधा। रौशन की शुरुआती शिक्षा सरकारी स्कूलों में हुई। वहां सुविधाओं की तो बहुत कमी थी, लेकिन उनके भीतर कुछ सीखने का जोश भरपूर था। बचपन में ही उन्होंने यह समझ लिया था कि सिर्फ शिक्षा ही वह रास्ता है, जिससे वह अपने गांव की तंगहाली को पीछे छोड़कर एक बेहतर भविष्य बना सकते हैं।

गांव छोड़ना और एक नया सपना

सिर्फ 15 साल की उम्र में रौशन ने एक ऐसा फैसला लिया, जिसने उनके जीवन का रास्ता ही बदल दिया। उन्होंने अपना गांव और परिवार पीछे छोड़ा और पटना आ गए। उनके मन में एक बड़ा लक्ष्य था—इंजीनियर बनना। आगे की तैयारी के लिए उन्होंने राजस्थान के मशहूर कोचिंग शहर कोटा का रुख किया। उन्होंने दिन-रात कड़ी मेहनत की और इंजीनियरिंग की बड़ी परीक्षा (AIEEE) पास कर ली। उन्हें देश के एक बेहद नामी कॉलेज—बी.आई.टी. मेसरा (BIT Mesra) में दाखिला मिल गया। सहरसा जैसे छोटे इलाके के लड़के के लिए यह बहुत बड़ी कामयाबी और खुशी का पल था।

मजबूरी में छूटी पढ़ाई

लेकिन अफसोस, यह खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी। वही पुरानी गरीबी और पैसों की तंगी एक बार फिर उनके रास्ते का रोड़ा बन गई। इंजीनियरिंग कॉलेज की महंगी फीस, हॉस्टल का खर्च और पढ़ाई के बाकी खर्चे उठाना उनके परिवार के बस की बात नहीं थी। रौशन आनंद को मजबूरी में अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। इंजीनियरिंग की पढ़ाई छूटने के बाद उन्होंने बिहार पुलिस, बी.पी.एस.सी. (BPSC - बिहार लोक सेवा आयोग) और यहां तक कि यू.पी.एस.सी. (UPSC) की तैयारी भी शुरू कर दी। उनका यह नया सफर भी आसान नहीं था और इसमें कई उतार-चढ़ाव आए। उन्होंने बिहार पुलिस की रिटेन एग्जाम तो पास कर ली, लेकिन फिजिकल टेस्ट में वे बाहर हो गए। इसके बाद, उन्होंने और मेहनत की और बी.पी.एस.सी. के इंटरव्यू राउंड तक पहुंच गए। वे एक पक्की और अच्छी नौकरी के बेहद करीब थे, लेकिन जब फाइनल सिलेक्शन लिस्ट आया, तो उसमें उनका नाम नहीं था।

नाकामियों से मिला नया रास्ता

इस बीच रौशन ने अपने साथ तैयारी करने वाले दूसरे छात्रों को पढ़ाना शुरू कर दिया। उन्हें यह एहसास हुआ कि भले ही परीक्षाओं में उनके अपने नतीजे अच्छे न रहे हों, लेकिन दूसरों को मुश्किल से मुश्किल बात आसानी से समझाने का हुनर उनके पास कमाल का था। "छात्रों को रौशन का देसी और जमीनी अंदाज़ बहुत पसंद आने लगा। वे उनके संघर्ष को करीब से महसूस कर पाते थे और उनकी आसान भाषा को बहुत जल्दी समझ जाते थे।"

ज्ञान बिंदु की शुरुआत और अब विवाद

1 सितंबर 2017 को रौशन ने आधिकारिक तौर पर 'ज्ञान बिंदु जी.एस. एकेडमी' (जो अब ज्ञान बिंदु कोचिंग के नाम से जानी जाती है) की शुरुआत की। शुरुआत बेहद मामूली थी—उनकी पहली क्लास में सिर्फ चार छात्र बैठे थे। धीरे-धीरे छात्रों के बीच उनकी चर्चा होने लगी। बिहार पुलिस, एस.एस.सी. (SSC), रेलवे और बैंकिंग परीक्षाओं की तैयारी करने वाले गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए ज्ञान बिंदु कम पैसों में अच्छी पढ़ाई का एक बड़ा केंद्र बन गया। वहीं मशहूर शिक्षक खान सर के संस्थान 'खान ग्लोबल स्टडीज़' के बाहर देर रात हुई तोड़-फोड़ और मारपीट के मामले में पुलिस ने रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें जेल (न्यायिक हिरासत) भेज दिया गया है और पुलिस सी.सी.टी.वी. (CCTV) फुटेज की जांच करते हुए आगे की कार्रवाई में जुटी है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।