Ahilyabai Holkar Jayanti 2025: 18वीं सदी की मराठा रानी देवी अहिल्याबाई होल्कर की याद में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में एक बार फिर से उत्साह देखने को मिल रहा है। सीएम मोहन यादव के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार इस महीने के आखिर में उनकी 300वीं जयंती मनाने से पहले राज्य स्तरीय कई सांस्कृतिक समारोहों का आयोजन कर रही है। वहीं, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनकी सरकार ने औरैया के मेडिकल कॉलेज का नाम 18वीं सदी में इंदौर और मालवा की रानी रहीं माता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखने का निर्णय लिया है। इस बीच, महाराष्ट्र सरकार जल्द ही अहिल्यानगर जिले में होल्कर की जन्मस्थली चोंडी के लिए 681 करोड़ रुपये की विकास योजना को मंजूरी देगी।
31 मई को मध्य प्रदेश में अहिल्याबाई होल्कर की याद में आयोजित समापन समारोह के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंदौर मेट्रो रेल के पहले चरण के साथ-साथ दतिया और सतना एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान भोपाल में 'महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन' को संबोधित करेंगे। इसमें दो लाख से अधिक महिलाओं के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सदस्य, लाडली बहना योजना के लाभार्थी और उद्यमी शामिल हैं।
सितंबर 2024 से 9 महीने तक चलने वाले अभियान कई शहरों और राजनीतिक, शैक्षणिक और विकासात्मक पहलों ने अहिल्याबाई को ऐतिहासिक रूप से पूजनीय व्यक्ति से मध्य प्रदेश की राजनीति के केंद्र में पहुंचा दिया है। सीएम मोहन यादव ने अहिल्याबाई के इर्द-गिर्द अभियान की व्यक्तिगत जिम्मेदारी ली है। उनकी कहानी को अपनी सरकार के विकास कार्यों और महिला सशक्तिकरण योजनाओं से जोड़ा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि औरैया में माता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर स्थापित डिग्री कॉलेज का नाम बदलने का प्रयास किया गया था। उन्होंने घोषणा की कि वर्तमान सरकार ने औरैया के मेडिकल कॉलेज का नाम माता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में कामकाजी महिलाओं के लिए सात छात्रावास अहिल्याबाई के नाम पर बनाए जा रहे हैं। साथ ही, नारी वंदन अधिनियम और शासन की अन्य योजनाओं के माध्यम से नारी शक्ति के सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। आदित्यनाथ ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पीएसी की तीन बटालियनों का नाम अवंती बाई, झलकारी बाई और वीरांगना उदा देवी के नाम पर रखा है, जो नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने माता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। आदित्यनाथ ने बताया कि अहिल्याबाई का जन्म 31 मई 1725 को हुआ था। छोटी उम्र में विवाह के बावजूद उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखी और 1725 से 1795 तक अपने 70 वर्ष के जीवनकाल में आदर्श शासन व्यवस्था स्थापित की।
मुख्यमंत्री ने औरंगजेब और बाबर के समय में तोड़े गए मंदिरों के पुनरोद्धार का जिक्र करते हुए कहा कि अहिल्याबाई ने मालवा राज से बाहर निकलकर पशुपतिनाथ, रामेश्वर, महाकाल, काशी विश्वनाथ, सोमनाथ और बंगाल तक के मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया।
अहिल्याबाई होल्कर केवल एक शासिक नहीं थीं। वह धर्म, न्याय, सेवा और स्त्री शक्ति का प्रतीक भी थीं। अहिल्याबाई होल्कर की जयंती के मौके पर उनके जीवन और उपलब्धियों के बारे में जानिए, ताकि हर नारी होल्कर से सीख ले सकें।
महाराष्ट्र में राष्ट्रपति लेंगी कार्यक्रम में हिस्सा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 31 मई को चोंडी में अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती समारोह में भाग लेंगी। महाराष्ट्र सीएम एकनाथ शिंदे ने दिल्ली में राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात की थी और उन्हें 31 मई के कार्यक्रम में आमंत्रित किया था। सीएम ने बताया कि राज्य सरकार ने तीर्थयात्रा विकास परियोजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसमें से चोंडी को 681 करोड़ रुपये मिलेंगे।