क्या आपने नोटिस किया? कई होटलों में नहीं मिलता 13 नंबर का कमरा

क्या आपने कभी सोचा है कि कई होटलों में Room 13 या 13वीं मंजिल क्यों नहीं होती? यह कोई संयोग या नंबरिंग की गलती नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी मान्यताओं और मेहमानों की सोच से जुड़ा फैसला है। इसके पीछे इतिहास, मनोविज्ञान और होटल इंडस्ट्री की दिलचस्प वजहें छिपी हैं

अपडेटेड Jun 27, 2026 पर 8:58 AM
दिलचस्प बात यह है कि हर संस्कृति में 13 अशुभ नहीं माना जाता।

होटल में ठहरते समय ज्यादातर लोगों का ध्यान कमरे की सुविधाओं, व्यू या सर्विस पर जाता है, लेकिन कुछ ऐसी छोटी-छोटी बातें भी होती हैं जो हैरान कर देती हैं। इन्हीं में से एक है कई होटलों में Room 13 या 13वीं मंजिल का न होना। पहली नजर में यह किसी तकनीकी गलती या नंबरिंग की चूक लग सकती है, लेकिन इसके पीछे एक दिलचस्प सोच और लंबे समय से चली आ रही परंपरा छिपी है। दुनिया के कई देशों में होटल अपने मेहमानों की पसंद, मानसिक सहजता और सांस्कृतिक मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए कमरे और मंजिलों की नंबरिंग तय करते हैं।

यही वजह है कि कुछ नंबर आसानी से दिखाई देते हैं, जबकि कुछ को जानबूझकर छोड़ दिया जाता है। आखिर ऐसा क्यों किया जाता है, इसके पीछे क्या इतिहास, मनोविज्ञान और बिजनेस से जुड़ी वजहें हैं, आइए जानते हैं।

13 नंबर से आखिर क्यों डरते हैं लोग?


दुनियाभर में कई लोग 13 अंक को अशुभ मानते हैं। इस डर को ट्रिस्काइडेकाफोबिया (Triskaidekaphobia) कहा जाता है। होटल उद्योग मानता है कि मेहमान जितना सहज महसूस करेंगे, उनका अनुभव उतना बेहतर होगा। इसलिए कई होटल 13 नंबर से दूरी बना लेते हैं।

होटलों का सीधा गणित 

कई यात्रियों को Room 13 में ठहरना पसंद नहीं होता। इससे उस कमरे की बुकिंग प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से कई होटल 13वीं मंजिल को सीधे 14 बता देते हैं, जबकि कुछ इसे 12A, M Floor या तकनीकी उपयोग के लिए सुरक्षित रख देते हैं।

दिमाग का खेल भी है बड़ी वजह

मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि इंसान उन जगहों पर ज्यादा सहज महसूस करता है जो उसे सामान्य और सुरक्षित लगें। भले ही कोई खुद को अंधविश्वासी न माने, लेकिन Room 13 का नाम देखकर मन में हल्की झिझक पैदा हो सकती है। होटल इसी असहजता से बचना चाहते हैं।

सदियों पुरानी कहानियों ने बनाया 13 को अशुभ

13 नंबर की बदनामी नई नहीं है। नॉर्स पौराणिक कथाओं में 13वें मेहमान के आने से दुखद घटना जुड़ी है। वहीं ईसाई परंपरा में अंतिम भोज (Last Supper) में 13वें व्यक्ति को विश्वासघात से जोड़ा जाता है। समय के साथ ये मान्यताएं लोगों की सोच का हिस्सा बन गईं।

हर देश में अलग है 'अनलकी नंबर'

दिलचस्प बात यह है कि हर संस्कृति में 13 अशुभ नहीं माना जाता। कई एशियाई देशों में 4 और 9 नंबर से लोग बचते हैं। वहीं कुछ होटल 420, 666 और 911 जैसे नंबरों का भी इस्तेमाल नहीं करते क्योंकि इनसे अलग-अलग सांस्कृतिक या सामाजिक धारणाएं जुड़ी हैं।

आज भी जिंदा है सदियों पुराना विश्वास

हालांकि कुछ होटल Room 13 को खास आकर्षण बनाकर पेश करते हैं, लेकिन अधिकांश होटल आज भी इस नंबर से बचना पसंद करते हैं। यह दिखाता है कि इतिहास, मनोविज्ञान और मेहमानों की सोच आज भी आधुनिक होटल इंडस्ट्री के फैसलों को प्रभावित करती है।

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