मंगलवार को क्यों की जाती है हनुमान जी की पूजा? जानिए इसके पीछे छिपा धार्मिक महत्व

मंगलवार को भगवान हनुमान की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं और बजरंगबली की आराधना करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पूजा जीवन की बाधाओं को दूर करने और साहस व सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने में सहायक होती है

अपडेटेड Jun 09, 2026 पर 11:44 AM
हनुमान जी की पूरी जीवनगाथा साहस और आत्मविश्वास की मिसाल है।

मंगलवार का दिन आते ही देशभर के हनुमान मंदिरों में भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है। कोई व्रत रखता है, कोई हनुमान चालीसा का पाठ करता है तो कोई बजरंगबली के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचता है। हिंदू मान्यताओं में यह दिन शक्ति, साहस और भक्ति के प्रतीक भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। माना जाता है कि उनकी पूजा से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मन को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। यही कारण है कि सदियों से मंगलवार को हनुमान आराधना का विशेष दिन माना जाता रहा है।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर मंगलवार को ही बजरंगबली की पूजा का इतना महत्व क्यों बताया गया है? इसके पीछे धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय मान्यताओं का एक रोचक संबंध माना जाता है।

भगवान राम के सबसे प्रिय भक्त हैं हनुमान


भगवान हनुमान को भक्ति, निष्ठा और सेवा का सर्वोच्च प्रतीक माना जाता है। उन्होंने अपना पूरा जीवन भगवान राम की सेवा में समर्पित कर दिया था। उनकी अटूट श्रद्धा और समर्पण उन्हें हिंदू धर्म में एक विशेष स्थान दिलाते हैं। हनुमान जी का चरित्र हमें निस्वार्थ भाव से कर्तव्य निभाने की प्रेरणा देता है।

मंगल ग्रह से जुड़ा है मंगलवार का संबंध

ज्योतिष शास्त्र में मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से माना जाता है। मंगल ग्रह साहस, पराक्रम, ऊर्जा और आत्मविश्वास का प्रतीक है। भगवान हनुमान भी इन्हीं गुणों के प्रतिनिधि माने जाते हैं। इसलिए मंगलवार को उनकी पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दिन पूजा-अर्चना करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

संकटों से रक्षा करने वाले देवता

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान हनुमान अपने भक्तों को भय, नकारात्मक शक्तियों और कठिन परिस्थितियों से बचाते हैं। जो लोग मानसिक तनाव, शत्रु बाधा या जीवन की चुनौतियों से जूझ रहे होते हैं, वे मंगलवार को हनुमान जी की शरण में जाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।

साहस और आत्मबल का प्रतीक

हनुमान जी की पूरी जीवनगाथा साहस और आत्मविश्वास की मिसाल है। चाहे समुद्र लांघना हो या लंका में जाकर सीता माता का पता लगाना, उन्होंने हर चुनौती का डटकर सामना किया। इसलिए माना जाता है कि मंगलवार को उनकी पूजा करने से व्यक्ति के भीतर भी कठिन परिस्थितियों का सामना करने का आत्मबल विकसित होता है।

भक्ति और सेवा की सीख

हनुमान जी केवल शक्ति के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि विनम्रता और सेवा भाव की भी मिसाल हैं। उनकी पूजा के माध्यम से श्रद्धालु जीवन में निस्वार्थ सेवा, समर्पण और सच्ची भक्ति जैसे गुणों को अपनाने की प्रेरणा लेते हैं।

मंगलवार को कैसे करते हैं श्रद्धालु पूजा?

मंगलवार के दिन कई लोग व्रत रखते हैं और हनुमान मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं। इस दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ भी किया जाता है। शाम के समय मंदिरों में विशेष पूजा और आरती का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।

क्यों खास माना जाता है मंगलवार?

मान्यता है कि नियमित रूप से मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं कम हो सकती हैं और व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक तथा आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। यही कारण है कि यह दिन भक्तों के लिए श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का विशेष अवसर माना जाता है।

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