13 साल की उम्र में शुरू किया AI सीखने का सफर, 19 साल में खड़ा कर दिया ₹1 करोड़ महीना कमाने वाला डिजिटल बिजनेस

19 वर्षीय आयुष सिंह सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। दावा है कि वे AI मेंटरशिप और ट्रेनिंग से हर महीने करीब ₹1 करोड़ कमाते हैं। X पर वायरल पोस्ट के बाद उनकी कहानी तेजी से फैल गई, जहां लोग उनकी सफलता को लेकर हैरानी, प्रेरणा और बहस तीनों तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं

अपडेटेड Jun 23, 2026 पर 4:30 PM
कुछ महीनों की मेहनत के बाद उन्होंने स्टार्टअप्स के साथ काम करना शुरू किया।

सोशल मीडिया पर 19 वर्षीय आयुष सिंह इन दिनों चर्चा में हैं। दावा किया जा रहा है कि वे AI ट्रेनिंग और मेंटरशिप के जरिए हर महीने करीब ₹1 करोड़ की कमाई कर रहे हैं। X (ट्विटर) पर वायरल एक पोस्ट के बाद उनकी कहानी ने तेजी से लोगों का ध्यान खींचा है। पोस्ट सामने आने के बाद यूजर्स के बीच उनकी उपलब्धियों को लेकर हैरानी और प्रेरणा दोनों देखने को मिली। बताया जा रहा है कि उन्होंने बेहद कम उम्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई और कई युवाओं को स्किल ट्रेनिंग भी दी।

हालांकि, उनकी कमाई और दावों को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे मेहनत और टैलेंट की मिसाल बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे अविश्वसनीय मान रहे हैं। यही वजह है कि यह कहानी लगातार चर्चा और बहस का विषय बनी हुई है।

वायरल पोस्ट से मची हलचल


एक वायरल पोस्ट में लिखा गया कि आयुष सिंह सिर्फ AI कोर्स और मेंटरशिप बेचकर करोड़ों कमा रहे हैं। पोस्ट में उनके लिए कुछ तीखी और भावनात्मक प्रतिक्रियाएं भी थीं, जिससे यह चर्चा और तेज हो गई। हजारों लोगों ने इस कहानी पर कमेंट करते हुए अपनी-अपनी राय दी—किसी ने इसे प्रेरणादायक बताया तो किसी ने अविश्वसनीय।

viral (9)

बिना बड़े कॉलेज के भी बड़ी सफलता

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आयुष किसी बड़े IIT या विदेशी यूनिवर्सिटी से नहीं जुड़े हैं। उन्होंने अपने दम पर, खुद से सीखकर AI की दुनिया में कदम रखा। कहा जा रहा है कि उनकी सफलता पूरी तरह सेल्फ-लर्निंग और लगातार मेहनत का नतीजा है, जिसमें उन्होंने ऑनलाइन संसाधनों का भरपूर इस्तेमाल किया।

COVID काल में शुरू हुई सीखने की यात्रा

बताया जाता है कि कोविड महामारी के दौरान, जब वह सिर्फ 13 साल के थे, तभी से उन्होंने मशीन लर्निंग और AI में दिलचस्पी लेना शुरू किया। उस समय परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, फिर भी उन्होंने पुराने लैपटॉप और कमजोर इंटरनेट के सहारे पढ़ाई जारी रखी और खुद को इस फील्ड में तैयार किया।

स्टार्टअप्स और इंटरनेशनल काम का दावा

कहानी के अनुसार, कुछ महीनों की मेहनत के बाद उन्होंने स्टार्टअप्स के साथ काम करना शुरू किया। 14 साल की उम्र में उनके किसी कोर्स को MIT से जुड़ी रिकमेंडेशन मिलने की भी बात सामने आई। इसके बाद उन्होंने NLP सिस्टम, डेटा साइंस और MLOps जैसे क्षेत्रों में काम किया और कई स्टार्टअप प्रोजेक्ट्स में योगदान दिया।

कंपनियां और मेंटरशिप का सफर

आयुष ने आगे चलकर ‘Antern’ नाम की कंपनी शुरू की और ‘Second Brain Labs’ में भी सह-संस्थापक के तौर पर जुड़े। इसके साथ ही वह भारत में कई इंजीनियरों को AI स्किल्स सिखाने और करियर गाइड करने का काम भी करते रहे, हालांकि शुरुआत में इससे ज्यादा कमाई नहीं हो रही थी।

कमाई का असली मोड़

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उनकी असली कमाई तब शुरू हुई जब उन्होंने अपनी नॉलेज को सही तरीके से पैकेज और मार्केट करना सीखा। Topmate जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए उन्होंने अपने प्रीमियम AI कोर्स और मेंटरशिप प्रोग्राम लॉन्च किए, जिसके बाद उनकी कमाई करोड़ों में पहुंच गई।

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया

यह कहानी वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ लोगों ने इसे युवाओं के लिए प्रेरणा बताया, तो कई लोग अपनी उम्र और उपलब्धियों से इसकी तुलना कर भावुक हो गए। कई यूजर्स ने लिखा कि इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी सफलता देखकर वे हैरान हैं, जबकि कुछ ने इसे “ओवरहाइप्ड” भी बताया।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।