भारत के पड़ोसी देश चीन में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। इससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। उत्तरी चीन के हेबेई प्रांत के लैंगफैंग में स्थित योंगकिंग काउंटी में स्थानीय समयानुसार बुधवार सुबह भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.2 मापी गई। चीन में भूकंप की निगरानी करने वाले चाइना अर्थक्वेक नेटवर्क्स सेंटर (CENC) ने इस घटना की जानकारी दी है। भूकंप जमीन की सतह से 20 किलोमीटर नीचे आया था। इसका केंद्र चीन की राजधानी बीजिंग से 55 किमी दूर है। जिसकी वजह से बीजिंग में भी झटके महसूस किए गए।
चीन की अलर्ट सिस्टम ने फौरन लोगों के फोन पर अलर्ट मैसेज जारी कर दिया। जिससे लोगों को सतर्क रहने का मौका मिल गया। बता दें कि चीन भूकंप के लिहाज से संवेदनशील देशों में से एक है। यहां समय-समय पर हल्के से लेकर गंभीर तीव्रता वाले भूकंप आते रहते हैं।
जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं
भूकंप के बाद भी बिजली आपूर्ति और वाहनों की आवाजाही बनी हुई है। अभी तक किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की रिपोर्ट नहीं मिली है। लैंगफैंग शहर के आपातकालीन प्रबंधन ब्यूरो ने स्थिति का जायजा लेने के लिए भूकंप के केंद्र पर कर्मचारियों को भेज दिया है। भूकंप के केंद्र से 5 किमी के इलाके में कई गांव और कस्बे मौजूद हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप का केंद्र योंगकिंग काउंटी से 13 किलोमीटर, लैंगफैंग के शहरी क्षेत्र से 15 किलोमीटर और बीजिंग के शहरी क्षेत्र से 55 किलोमीटर दूर है। CENC से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले 5 सालों में भूकंप के केंद्र से 200 किलोमीटर के भीतर 3.0 या उससे अधिक तीव्रता के कुल आठ भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। जिनमें यह भूकंप सबसे शक्तिशाली था।
सोशल मीडिया में भूकंप का जिक्र
हेबेई, बीजिंग और तियानजिन समेत कई क्षेत्रों में लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। इस बीच चीन की सोशल मीडिया सीना वीबो पर कई यूजर्स ने भूकंप का जिक्र किया। एक यूजर ने लिखा कि वे भूकंप के अलर्ट से जाग गए। एक यूजर ने का कि मैं जैसे ही सोया, अलार्म बज गया। वहीं एक दूसरे यूजर ने कहा कि उन्हें लगा कि यह उनका भ्रम है। इसके साथ ही बीजिंग में कुछ यूनिवर्सिटी के छात्र भी भूकंप के झटकों से जाग गए।
चीन में भूकंप से 126 की मौत
हाल ही में चीन के तिब्बत प्रांत में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.1 मापी गई थी। इस भूकंप से चीन में 126 लोगों की मौत हो गई थी। इस भूकंप का केंद्र तिब्बत के शिजांग में जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। भूकंप का असर नेपाल, भूटान सहित भारत के सिक्किम और उत्तराखंड में भी दिखा। फिलहाल भारत में इससे जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं थी।
धरती के ऊपरी सतह सात टेक्टोनिक प्लेटों से मिलकर बनी हैं। जहां भी ये प्लेटें एक-दूसरे से टकराती हैं। वहां भूकंप का खतरा पैदा हो जाता है। भूकंप तब आता है, जब ये प्लेट्स एक-दूसरे के क्षेत्र में घुसने की कोशिश करती हैं। ऐसे में जब ये प्लेट आपस में टकराती हैं, रगड़ती हैं, एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर होती हैं। तब ऐसी स्थिति में जमीन हिलने लगती है। इसे ही भूकंप कहा जाता है। इसके अलावा उल्का प्रभाव और ज्वालामुखी विस्फोट, माइन टेस्टिंग और न्यूक्लियर टेस्टिंग की वजह से भी भूकंप आते हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। इस स्केल पर 2.0 या 3.0 की तीव्रता का भूकंप हल्का होता है, जबकि 6 की तीव्रता का मतलब शक्तिशाली भूकंप होता है।