व्हाइट हाउस ने कहा कि रूस और यूक्रेन ने सऊदी अरब में मंगलवार को पूरी हुई बातचीत में ब्लैक सी में जहाजों पर सैन्य हमल नहीं करने सहमति जताई। इसी के साथ व्हाइट हाउस ने कहा कि हर एक देश "सेफ नेविगेशन, बल प्रयोग को रोकने और ब्लैक सी में सैन्य मकसद के लिए कमर्शियल जहाजों के इस्तेमाल पर रोक लगाने पर सहमत हुए।" हालांकि, यूक्रेन के अधिकारियों ने चेतावनी दी कि रूस वॉरशिप की आवाजाही ब्लैक सी समझौते का उल्लंघन होगी।
व्हाइट हाउस ने कहा है कि मास्को, कीव और वाशिंगटन ब्लैक सी में यात्रा करने वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर सहमत हो गए हैं। कीव ने भी इन शर्तों पर सहमति दे दी है, जो अमेरिकी अधिकारियों और यूक्रेन व रूस के प्रतिनिधिमंडलों के बीच तीन दिनों की गहन चर्चा के बाद आई है। ट्रंप प्रशासन को उम्मीद है कि इससे लंबे समय के लिए शांति का रास्ता खुलेगा।
ये समझौता ऐसे समय पर हुआ, जब इससे पहले रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा था कि ब्लैक सी में समझौता केवल सख्त शर्तों के साथ ही संभव है और वो भी तब जब अमेरिका वोलोडिमिर जेलेंस्की को समझौते का सम्मान करने का आदेश दे।
लावरोव ने मीडिया से कहा, "हमें साफ गारंटी की जरूरत होगी और केवल कीव के साथ समझौतों के दुखद अनुभव को देखते हुए, गारंटी केवल वाशिंगटन से जेलेंस्की और उनकी टीम को एक काम करने और दूसरा नहीं करने के आदेश का परिणाम हो सकती है।"
व्हाइट हाउस ने कहा कि दोनों पक्ष "एनर्जी फैसिलिटी पर हमलों पर रोक लगाने के समझौते" को लागू करने के लिए उपाय विकसित करने पर भी सहमत हुए।
वहीं यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि ब्लैक सी के पूर्वी हिस्से के बाहर रूसी सैन्य जहाजों की किसी भी गतिविधि को ब्लैक सी एग्रीमेंट का उल्लंघन माना जाएगा।