मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ चल रही अमेरिका और इजरायल की जंग ने लोगों को इतनी बार चौंका दिया है कि हर कोई इस बात को लेकर आशंकित है कि अगले ही पल न जाने क्या हो जाए। इस बीच बुधवार को जब खबर आई कि अमेरिका ईरान के साथ 14 सूत्रीय शांति समझौते की बातचीत को देखते हुए ऑपरेशन फ्यूरी पर अस्थाई रोक लगा रहा हो तो सबने राहत की सांस ली। भारतीय शेयर बाजार से लेकर ग्लोबल बाजार में रौनक अभी लौटने के संकेत दिखे ही थे कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक और बम फोड़ दिया है। ट्रंप के एक हालिया बयान ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को सीधी चेतावनी दे दी है कि अगर बात नहीं बनी, तो पहले से कहीं ज्यादा भीषण बमबारी शुरू कर दी जाएगी।
आपको बता दें कि खाड़ी देशों में जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए जारी कूटनीतिक कोशिशों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर एक कमेंट कर दिया है। ट्रंप ने इसमें स्पष्ट लिखा है कि ईरान के पास शांति का यह आखिरी मौका है, वरना उसे महाविनाश का सामना करना पड़ेगा।
ट्रंप की ट्रुथ सोशल पोस्ट ने मचाया हड़कंप
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ईरान को चेतावनी देते हुए लिखा कि अगर तेहरान मौजूदा शर्तों पर सहमत हो जाता है, तो Epic Fury समाप्त हो जाएगा और प्रभावी नाकाबंदी हटा ली जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि इससे 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) ईरान समेत सभी के लिए खुल जाएगा। इससे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण शिपिंग रूट पर स्थिति सामान्य हो सकेगी। लेकिन इसके साथ ही ट्रंप ने जो दूसरी बात कही, उसने चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप ने लिखा कि अगर वे सहमत नहीं होते हैं, तो बमबारी शुरू हो जाएगी, और दुख की बात है कि यह पहले की तुलना में बहुत ज्यादा और तेज होगी।
क्या है वह 'एक पन्ने' का शांति फॉर्मूला?
रॉयटर्स और एक्सियोस की रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान एक पन्ने के 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने के बेहद करीब हैं। ऐसा माना जा रहा है कि यह 14-सूत्रीय ज्ञापन आधिकारिक तौर पर खाड़ी में युद्ध को समाप्त कर देगा। इस समझौते के तहत शत्रुता को तत्काल रोकने और अगले 30 दिनों के भीतर एक व्यापक स्थायी समझौते पर बातचीत शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें एक बार फिर ये बात कही गई है कि ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन को अस्थायी रूप से रोकेगा।
समझौते की शर्तों के मुताबिक अगर ईरान पीछे हटता है, तो अमेरिका उस पर लगे प्रतिबंधों को हटाना शुरू कर देगा। इसके अलावा अमेरिका द्वारा फ्रीज किए गए ईरान के अरबों डॉलर भी जारी किए जा सकते हैं। साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ट्रांजिट पर लगी पाबंदियों में भी ढील दी जाएगी।
अनिश्चितता के बादल अब भी बरकरार
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक इस संकट के दौरान यह अब तक की सबसे बड़ी प्रगति है, लेकिन अभी भी कोई अंतिम सौदा नहीं हुआ है। एक्सियोस की रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि इस समझौते के कई प्रावधान आगे की बातचीत के परिणामों पर निर्भर करेंगे। ऐसे में अगर भविष्य में बातचीत विफल होती है, तो फिर से युद्ध शुरू होने की पूरी संभावना बनी हुई है।