China in Iran-Israel War: इजरायल और ईरान के बीच चल रहे सैन्य टकराव के बीच अब चीन के भी इस जंग में एंट्री लेने की अटकलें तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि तेहरान में एक चीनी कार्गो प्लेन उतरा है, जिसने अपनी पहचान छिपाने के लिए अपने ट्रांसपोंडर बंद कर रखे थे, ताकि यह रडार की पकड़ में न आ सके। विशेषज्ञ ये मान रहे हैं कि कार्गो प्लेन से चीन ने ईरान को बड़ी मात्रा में हथियार सप्लाई किया हैं। जहां एक तरफ चीन पर ईरान को सपोर्ट करने का दावा किया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि तेहरान के पास इस बात के ठोस सबूत हैं कि इस सप्ताह इजरायली हमलों में अमेरिकी सेनाओं ने ईरान पर बमबारी अभियान में इजरायल का समर्थन किया।
चीनी कार्गो विमान की ईरान में हुई 'गुप्त लैंडिंग'
चीनी कार्गो विमान का ट्रांसपोंडर बंद करके तेहरान में लैंड करना किसी गुप्त सैन्य ऑपरेशन का संकेत देता है। चीन और ईरान के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी और सैन्य सहयोग का इतिहास रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस विमान में सैन्य उपकरण या कोई प्रतिबंधित सामान हो सकता है। यह घटनाक्रम अमेरिका के लिए एक सीधी चुनौती मानी जा रही है, जो इस क्षेत्र में इजरायल का प्रमुख सहयोगी है।
ईरान के समर्थन में चीन पहले ही दे चुका है बड़ा बयान
चीन ने 'ऑपरेशन राइजिंग लॉयन' के गंभीर परिणाम होने का जिक्र करते हुए इजरायली हमलों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की थी। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'चीन ईरान पर इजरायल के हमलों पर करीब से नजर रख रहा है और ऑपरेशन के संभावित गंभीर परिणामों के बारे में गहराई से चिंतित है। चीन ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करने वाली कार्रवाइयों का विरोध करता है, और तनाव बढ़ाने तथा संघर्ष को बढ़ावा देने वाले कदमों का विरोध करता है।'