अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष में तनाव फिर बढ़ते हुए नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान को एक बार फिर बड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिका ईरान के पिकैक्स माउंटेन पर बहुत जल्द हमला कर सकता है। ट्रंप ने ईरान के नतांज यूरेनियम संवर्धन केंद्र के पास की इस बेहद मजबूत और सुरक्षा के लिहाज से पुख्ता भूमिगत ठिकाने पर हमला करने की अपनी धमकी को नए सिरे से दोहराया है।
हम जानते हैं पिकैक्स पर कौन क्या कर रहा है - ओवल ऑफिस से ट्रंप की चेतावनी
शुक्रवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि हम बहुत जल्द पिकैक्स पर हमला कर सकते हैं, क्योंकि अगर पिकैक्स पर कुछ भी चल रहा होगा तो हम कार्रवाई करेंगे। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस पूरे ठिकाने की हर एक गतिविधि पर नजर रख रही है। ट्रंप ने कहा कि हम जानते हैं कि पिकैक्स माउंटेन पर कौन हलचल कर रहा है, हम जानते हैं कि पूरे ईरान में कौन कहां आगे बढ़ रहा है। अगर कुछ भी गलत होता दिखा, तो हम उन पर हमला करेंगे और बहुत जोरदार हमला करेंगे। इससे पहले जुलाई में भी ट्रंप ने इस ठिकाने पर हमला करने की धमकी दी थी।
क्यों अमेरिका के निशाने पर है Pickaxe Mountain?
पिकैक्स माउंटेन ईरान के मुख्य यूरेनियम संवर्धन केंद्रों में से एक नतांज के पास है। इस ठिकाने में जमीन के काफी नीचे दो बेहद गहरी सुरंगों का कॉम्पलेक्स बना हुआ है। इस वजह से पारंपरिक हवाई हमलों से इसे नुकसान पहुंचाना बेहद मुश्किल माना जाता है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक इजरायली खुफिया एजेंसियों का मानना है कि ईरान ने अपने हजारों सेंट्रीफ्यूज को इस भूमिगत ठिकाने के अंदर शिफ्ट कर दिया है।
अन्य परमाणु ढांचों पर हुए हमलों के बाद, पिकैक्स माउंटेन अपनी गहराई और लोकेशन की वजह से ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बचे हुए हिस्से को संरक्षित और पुनर्जीवित करने का मुख्य केंद्र बन गया है। यही कारण है कि यह अमेरिका की सैन्य रणनीति के केंद्र में आ गया है।
'ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने देंगे'
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य अभियान को अपने मुख्य उद्देश्य से सीधे जोड़ते हुए दोहराया कि उनका मकसद ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना है। ट्रंप ने कहा कि हमें अब पांच महीने हो चुके हैं। और आप जानते हैं कि हमने इन पांच महीनों में क्या किया? उनके पास अब परमाणु हथियार नहीं होगा; यही हमने किया है।
इजरायल और पश्चिमी देशों को बड़े खतरे से बचाया
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के इस सैन्य हस्तक्षेप का बचाव करते हुए दावा किया कि अगर अमेरिका ने कदम नहीं उठाया होता, तो इजरायल, मध्य पूर्व और पश्चिमी देशों पर बड़ा खतरा मंडरा सकता था। ट्रंप ने कहा कि अगर हम वहां नहीं जाते, तो आज इजरायल नहीं बचता, मध्य पूर्व नहीं बचता, और शायद वे (ईरान) इसके बाद यूरोपीय शहरों और हमारे शहरों को निशाना बनाते।
ईरान का पलटवार: संप्रभुता का उल्लंघन, अमेरिकी ठिकानों पर 'विनाशकारी हमले'
दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिका द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है और वाशिंगटन पर अपनी संप्रभुता का उल्लंघन करने व कई प्रांतों में नागरिक ठिकानों एवं बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उनके सशस्त्र बलों ने पूरे पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों से जवाब दिया है।