Pakistan: TTP के हमलों से दहला पाकिस्तान...मारे गए पांच सुरक्षाकर्मी, चार जगहों पर हुआ अटैक

Pakistan: मरने वाले पुलिसकर्मियों में टैंक में तैनात कांस्टेबल सज्जाद हुसैन, लक्की मरवत में तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर मुमताज अली और स्वात में तैनात कांस्टेबल हम्माद शामिल हैं। बाजौर में आतंकियों ने एक सुरक्षा काफिले को निशाना बनाते हुए सड़क किनारे लगाए गए आईईडी में विस्फोट किया

अपडेटेड Dec 29, 2025 पर 7:08 PM
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पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लड़ाकों ने एक बार फिर हमला बोला है।

पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के लड़ाकों ने एक बार फिर हमला बोला है। इन हमलों में पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों को भारी नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने खैबर पख्तूनख्वा के अलग-अलग इलाकों में एक के बाद एक हमले किए। इन हमलों में कम से कम पांच सुरक्षाकर्मी मारे गए और 12 अन्य घायल हो गए। हमले लक्की मरवत, टैंक, स्वात और बाजौर जिलों में हुए।

पांच सुरक्षाकर्मियों की मौत

मरने वाले पुलिसकर्मियों में टैंक में तैनात कांस्टेबल सज्जाद हुसैन, लक्की मरवत में तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर मुमताज अली और स्वात में तैनात कांस्टेबल हम्माद शामिल हैंबाजौर में आतंकियों ने एक सुरक्षा काफिले को निशाना बनाते हुए सड़क किनारे लगाए गए आईईडी में विस्फोट किया। इस हमले में मेजर रैंक के एक अधिकारी सहित दो जवानों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गएविस्फोट से एक वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गयाइसके बाद सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच भारी गोलीबारी हुई

हो रहे हैं लगातार हमंले

घायलों को सुरक्षित निकालने और इलाके को नियंत्रण में लेने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल मौके पर भेजे गए। खुफिया सूत्रों ने न्यूज 18 को बताया कि ये हमले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा लगते हैं। सूत्रों के अनुसार, संगठन 2026 में होने वाले बड़े ऑपरेशनों से पहले पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता और कमजोर जिलों में अपनी पकड़ को परख रहा है।


बताया गया है कि आतंकी स्थानीय स्तर पर भर्ती नेटवर्क, रात के समय आवाजाही और पुलिस ढांचे की कमियों का फायदा उठा रहे हैं। खास तौर पर दक्षिणी खैबर पख्तूनख्वा और मलकंद बेल्ट के इलाकों में उनकी गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। अधिकारियों के मुताबिक, ये हमले एक प्लान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य अगले साल अहम सैन्य ठिकानों पर हमले करने से पहले प्रांतीय पुलिस का मनोबल कमजोर करना है। सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील और कमजोर जिलों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। हमलावरों की तलाश के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए सुरक्षा इंतजामों की दोबारा समीक्षा की जा रही है।

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