Hafiz Saeed: पाकिस्तानी मौलवी नसीर मदनी ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को लेकर एक सनसनीखेज दावा किया है। मदनी ने दावा किया है कि लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक हाफिज सईद ने कश्मीर में 10,000 आतंकवादी भेजे थे। जेल में बंद पाकिस्तान स्थित आतंकी सरगना की तारीफ करते हुए उसने यह चौंकाने वाला दावा किया। कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मदनी ने 14 अगस्त को बहावलनगर में प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, मदनी को इस महीने की शुरुआत में दिल का गंभीर दौरा पड़ा था। उसने जेल में बंद सईद को एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर पेश करने की कोशिश की, जिसने 'मातृभूमि' के लिए बलिदान दिया।
'कश्मीर के लिए 10,000 बच्चों की पेशकश की थी'
आतंकी सईद के बारे में बात करते हुए मदनी ने उसे ऐसे व्यक्ति के रूप में पेश किया जिसने कश्मीर के लिए कुर्बानी दी थी। उसने उसकी जेल की सजा पर भी सवाल उठाए। मदनी ने कहा, "आज वह जेल में है। लेकिन वह पाकिस्तान का पहला कैदी होना चाहिए।" इसके बाद उसने दावा किया कि सईद ने अपनी मातृभूमि के नाम पर कश्मीर के लिए 10,000 लोगों की पेशकश की थी। मदनी ने कहा, "सिर्फ इसलिए कि उसने कश्मीर के लिए और मातृभूमि की कुर्बानी के लिए 10,000 बच्चों की पेशकश की थी।"
मौलवी ने सईद को ऐसे व्यक्ति के रूप में भी पेश करने की कोशिश की जिसने कोई मामूली अपराध नहीं किया था। उसने सईद की कथित आतंकवादी गतिविधियों की तुलना दुकानों को नुकसान पहुंचाने या पेड़ काटने जैसे कामों से की। मदनी ने कहा, "उसने रिक्शा नहीं चलाया। उसने पेड़ नहीं काटा। उसने किसी की दुकान का शटर नहीं तोड़ा।" मौलवी ने आगे दावा किया कि कई 'कमांडो लड़के' थे। लेकिन उन्होंने देश के किसी पक्षी को भी नुकसान नहीं पहुंचाया।
हाफिज सईद के लंबे समय से चले आ रहे आतंकी संबंध
मदनी की बातों ने असल में कश्मीर के लिए सईद द्वारा आतंकवादियों को इकट्ठा करने की कथित कार्रवाई को कुर्बानी के रूप में पेश किया। जबकि सईद आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का संस्थापक है। ये पाकिस्तान स्थित एक खूंखार आतंकी संगठन है। इसे आतंकवादी समूह घोषित किया गया है। पहलगाम आतंकी मामले में भी हाफिज सईद का नाम आया था। भारतीय जांचकर्ताओं ने 22 अप्रैल, 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के सिलसिले में सईद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे।
6 जुलाई को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने इस मामले में सईद का नाम शामिल करते हुए एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की थी। NIA के अनुसार, उस पर व्यक्तिगत तौर पर और LeT तथा उसके सक्रिय प्रॉक्सी संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) के प्रमुख और संस्थापक के तौर पर आरोप लगाए गए। 8 जुलाई को जम्मू की एक स्पेशल NIA कोर्ट ने सईद के खिलाफ बिना तारीख वाला गैर-ज़मानती वारंट जारी किया।
सईद लंबे समय से LeT से जुड़ा रहा है। भारतीय अधिकारियों ने LeT पर भारत में कई आतंकी हमलों में शामिल होने का आरोप लगाया है, जिनमें नवंबर 2008 के मुंबई हमले भी शामिल हैं। इसलिए, मदनी का यह ताजा दावा ऐसे समय में आया है जब सईद एक बार फिर भारत में आतंकी जांच के केंद्र में है। एक तरफ भारत में उसके खिलाफ पहलगाम आतंकी हमले की जांच आगे बढ़ रही है। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान में उसके समर्थक उसे 'कश्मीर के लिए बलिदान देने वाला' बताकर उसका बचाव करते दिखाई दे रहे हैं।