Iran Fired Missiles Jordan: मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर बेहद संवेदनशील हो गए हैं। इजराइली सेना ने रविवार को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान ने उसके पड़ोसी देश जॉर्डन की तरफ कई मिसाइलें दागी हैं। रविवार को जॉर्डन के कई इलाकों में सायरन बजाए गए, जब ईरान की ओर से लाल सागर के किनारे बसे अकाबा शहर की दिशा में मिसाइलें दागी गईं। इजरायली सेना के अनुसार, इज़राइल और जॉर्डन की एयर डिफेंस सिस्टम ने इन मिसाइलों को टारगेट तक पहुंचने से पहले ही हवा में मार गिराया। इस हमले के बादपूरे क्षेत्र में एक बड़े युद्ध का खतरा पैदा हो गया है।
पूरे शहर में सुनाई दी सायरन की आवाज
अकाबा शहर के लोगों ने कई तेज धमाकों की आवाजें सुनीं। हालांकि, शुरुआत में यह साफ नहीं हो सका कि ये धमाके मिसाइलों को हवा में रोकने के कारण हुए या फिर उनके मलबे के जमीन पर गिरने से। इजरायली सेना ने बताया कि मिसाइलों का निशाना अकाबा शहर था, जो जॉर्डन का लाल सागर पर स्थित एकमात्र बड़ा बंदरगाह है और इजरायल की दक्षिणी सीमा के काफी करीब है। सेना ने यह भी चेतावनी दी कि मिसाइलों को नष्ट करने के बाद उनका मलबा इजरायल के कुछ इलाकों में गिर सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अकाबा एयरपोर्ट और बंदरगाह खाली कराया गया
रविवार को जॉर्डन की राजधानी अम्मान स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक सुरक्षा चेतावनी जारी की। दूतावास ने बताया कि अकाबा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और बंदरगाह को एहतियात के तौर पर खाली करा लिया गया है। दूतावास के अनुसार, जॉर्डन के अधिकारियों को एक खास और भरोसेमंद सुरक्षा खतरे की जानकारी मिली थी। इसी वजह से एयरपोर्ट और बंदरगाह पर लोगों की आवाजाही रोक दी गई और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों से अपील की कि वे फिलहाल अकाबा एयरपोर्ट और बंदरगाह की ओर जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
जॉर्डन ने अमेरिकी दूतावास के दावे को बताया गलत
अमेरिकी दूतावास के बयान के बाद जॉर्डन सरकार ने तुरंत इसका खंडन किया। सरकार के प्रवक्ता मोहम्मद अल-मोमानी ने कहा कि अधिकारियों ने अकाबा एयरपोर्ट या बंदरगाह को खाली कराने का कोई आदेश नहीं दिया है। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट और बंदरगाह दोनों सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और वहां किसी तरह की निकासी नहीं की गई है।
अमेरिकी सेना पर हमले में दो सैनिकों की मौत
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई, जबकि एक सैनिक अभी भी लापता है। अमेरिका के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में ईरान के साथ तनाव बढ़ने के बाद यह पहली बार है जब इस संघर्ष में अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है। बता दें कि, ईरान और इज़राइल के बीच संघर्ष तेज होने के बाद से जॉर्डन कई बार अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने वाली ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को मार गिरा चुका है।