Iran Israel War: क्या ईरान पर हमले को लेकर असमंजस में हैं ट्रंप? व्हाइट हाउस ने बताया अमेरिका कब करेगा अटैक

Iran Israel War: व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले दो सप्ताह में यह तय करेंगे कि ईरान पर हमला करना है या नहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि ट्रंप को अभी भी इस बात की पूरी संभावना दिख रही है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में बातचीत से अमेरिका और इजरायल की मांगें पूरी हो सकती हैं

अपडेटेड Jun 20, 2025 पर 9:14 AM
Iran Israel War: व्हाइट हाउस ने गुरुवार (19 जून) को दावा किया कि ईरान कुछ हफ्तों में परमाणु हथियार बना सकता है

Iran Israel War: व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दो सप्ताह के भीतर ईरान पर हमला करने के बारे में निर्णय लेंगे। उन्हें अभी अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की उम्मीद है। व्हाइट हाउस ने गुरुवार (19 जून) को यह भी दावा किया कि ईरान कुछ हफ्तों में परमाणु हथियार बना सकता है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पत्रकारों से कहा, "ईरान के पास परमाणु हथियार बनाने के लिए जरूरी सभी आइटम हैं। उन्हें ऐसा करने के लिए केवल सुप्रीम लीडर के फैसले की जरूरत है। उस हथियार का उत्पादन पूरा होने में कुछ सप्ताह लगेंगे।"

व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अगले दो सप्ताह में यह तय करेंगे कि ईरान पर हमला करना है या नहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि ट्रंप को अभी भी इस बात की पूरी संभावना दिख रही है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में बातचीत से अमेरिका और इजरायल की मांगें पूरी हो सकती हैं।

लेविट ने ट्रंप के हवाले से कहा, "इस तथ्य के आधार पर कि निकट भविष्य में ईरान के साथ वार्ता होने या न होने की पर्याप्त संभावना है। मैं अगले दो सप्ताह के भीतर इस बारे में निर्णय लूंगा कि मुझे जाना है या नहीं।" इस बीच, ईरान के एक वरिष्ठ राजनयिक ने कहा कि ईरान हमेशा शांति और सुरक्षा के पक्ष में है। तेहरान किसी भी शांति वार्ता के लिए तैयार है। लेकिन शर्त यह है कि पहले इजरायली सैन्य कार्रवाई की निंदा की जाए।


इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को कहा कि इजरायली हमलों से कोई भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई भी निशाने पर हो सकते हैं। नेतन्याहू ने यह टिप्पणी दक्षिणी इजरायली शहर बीरशेबा में सोरोका मेडिकल सेंटर के दौरे के दौरान एक सवाल के जवाब में की। उस पर गुरुवार सुबह ईरान ने मिसाइल हमला किया था।

नेतन्याहू ने कहा, "मैंने निर्देश दिए हैं कि कोई भी इससे (हमले से) अछूता नहीं है।" इजरायल के प्रधानमंत्री ने कहा कि वह कुछ बोलने में नहीं बल्कि कार्रवाई करके दिखाने में भरोसा करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, "युद्ध के दौरान शब्दों का चयन सावधानी से करना चाहिए और कार्रवाई में सटीकता होनी चाहिए। सभी विकल्प खुले हैं। प्रेस में इस बारे में बात न करना ही बेहतर है।"

पीएम ने दोहराया कि ईरान में इजरायल की कार्रवाई उसके परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल भंडार के खिलाफ थी। न कि उसकी (ईरान) तरह निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने के लिए। नेतन्याहू ने कहा, "वे उन अस्पतालों पर बमबारी करते हैं, जहां लोग खतरे से बच नहीं सकते।"

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उन्होंने कहा, "यह एक ऐसे कार्यशील लोकतंत्र और इन हत्यारों के बीच का अंतर है, जो कानून का पालन करता है।" ईरान के परमाणु कार्यक्रम को विफल करने के लिए इजरायली अभियान में अमेरिका की सीधी भागीदारी के बारे में पूछे जाने पर नेतन्याहू ने कहा कि यह फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेना है। नेतन्याहू ने कहा, "वह (ट्रंप) वही करेंगे जो अमेरिका के लिए अच्छा है, और मैं वही करूंगा जो इजरायल के लिए अच्छा है।"

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