Air India Safety: एयर इंडिया की सेफ्टी में गलती निकालने पर दो एंप्लॉयीज की गई नौकरी! टाटा कंपनी ने दी सफाई

Air India Safety: एक पत्र में एयर इंडिया के दो पूर्व केबिन क्रू सदस्यों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने एयरलाइन को सुरक्षा खामियों के बारे में जानकारी दी थी। लेकिन चेतावनी देने के कारण उन्हें नौकरी से ही निकाल दिया गया। लेटर के अनुसार, व्हिसलब्लोअर ने कहा कि DGCA ने इस शिकायत के बाद केवल एक अनौपचारिक चर्चा की। लेकिन शिकायत की कोई औपचारिक जांच नहीं की गई

अपडेटेड Jun 20, 2025 पर 8:32 AM
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एयरलाइन ने बताया कि 12 जून और 18 जून के बीच बोइंग 787 की कुल 83 उड़ानें रद्द कर दी गईं।

Air India Safety News: अहमदाबाद में 12 जून को फ्लाइट संख्या AI-171 के क्रैश होने के बाद एयर इंडिया के विमानों में लगातार शिकायतें आ रही हैं। विमान दुर्घटना के बाद तकनीकी गड़बड़ियों के कारण कई फ्लाइट रद्द या रिटर्न होने के बीच व्हिसलब्लोअर्स ने एयर इंडिया के सुरक्षा मानकों पर चिंता जताई है। दो एंप्लॉयीज ने न्यूज18 को बताया कि जब उन्होंने एयर इंडिया को सुरक्षा संबंधी खामियों के बारे में एयरलाइन को बताया तो उन्हें कथित तौर पर नौकरी से निकाल दिया गया।

हालांकि टाटा ग्रुप की अगुवाई वाली एयरलाइन ने कर्मचारियों के आरोपों को खारिज कर दिया। एयर इंडिया ने कहा कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा निर्धारित अनुसार, उनकी ओर से कोई गड़बड़ी नहीं की गई। एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

क्या है आरोप?


न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, 19 जून (गुरुवार) को लिखे एक पत्र में एयर इंडिया के दो पूर्व केबिन क्रू सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्होंने एयरलाइन को सुरक्षा खामियों के बारे में जानकारी दी थी। लेकिन चेतावनी देने के कारण उन्हें नौकरी से ही निकाल दिया गया। लेटर के अनुसार, उन्होंने 14 मई, 2024 को एक विशेष घटना का जिक्र किया, जब एक गेट नंबर L4 का स्लाइड राफ्ट मैन्युअल मोड में खुला था। व्हिसलब्लोअर ने कहा कि DGCA ने इस शिकायत के बाद केवल एक अनौपचारिक चर्चा की। लेकिन शिकायत की कोई औपचारिक जांच नहीं की गई।

आरोप है कि एयर इंडिया ने सुरक्षा खामियों पर उनकी चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बोइंग 787/8 ड्रीमलाइनर में तकनीकी गड़बड़ियों के बारे में एयरलाइन ने कई शिकायतों को इग्नोर कर दिया। उन्होंने कहा कि एयरलाइन की तरफ से उन पर अपने बयानों को बदलने का दबाव बनाया गया, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपने बयानों को बदलने से इनकार कर दिया, तो उन्हें बिना किसी उचित जांच के नौकरी से निकाल दिया गया।

कैप्टन ने भी की थी शिकायत

एयर इंडिया की तरफ से कथित तौर पर बिना किसी आधिकारिक जांच के 2023 में बर्खास्त किए गए कैप्टन देवेन कनानी ने दावा किया कि उन्होंने सैन फ्रांसिस्को-मुंबई रूट पर उड़ान भरने वाले डेल्टा 777 विमान में ऑक्सीजन की उपलब्धता के मुद्दे उठाए थे। उन्होंने कहा कि एयरलाइन सालों से इस रूट्स पर उड़ान भरकर हजारों लोगों की जान को खतरे में डाल रही है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

एक एक्सपर्ट ने News18 को बताया कि विमान में तकनीकी खराबी या गड़बड़ी आम बात है। लेकिन अहमदाबाद हादसे के बाद एयरलाइन कंपनियां अधिक सतर्क हो गई हैं। छोटी से छोटी गड़बड़ी को भी अब गंभीरता से लिया जा रहा है। एक्सपर्ट ने कहा, "विमान में तकनीकी खराबी या गड़बड़ी एक व्यापक शब्द है। इसका मतलब इंजन, हाइड्रोलिक्स, इलेक्ट्रिकल, ईंधन या फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम में किसी भी तरह की खराबी हो सकती है। यह सेंसर से संबंधित या कॉकपिट में टेक्नोलॉजी से जुड़ी समस्या भी हो सकती है।"

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी समेत 242 लोगों को लेकर लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान 12 जून को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश इस दुर्घटना में बाल-बाल बच गए। विमान में सवार 241 लोगों की मौत हो गई। इनमें 168 भारतीय, 53 ब्रिटिश, सात पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक शामिल थे। रमेशन बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (AI171) की 11A सीट पर बैठा था, जो चमत्कारिक रूप से बच गया।

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