हिमालय की शांत और रहस्यमयी वादियों में बसे कैलाश मानसरोवर के दर्शन करना हर श्रद्धालु की बड़ी इच्छा होती है। ये यात्रा केवल आस्था से जुड़ी नहीं है, बल्कि ये मानसिक मजबूती और शारीरिक क्षमता की भी परीक्षा लेती है। हर साल हजारों लोग इस पवित्र सफर का सपना देखते हैं, लेकिन चुनिंदा लोगों को ही इसमें शामिल होने का मौका मिलता है। साल 2026 के लिए इस यात्रा की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिससे भक्तों में उत्साह साफ देखा जा सकता है।
आवेदन की अंतिम तारीख 19 मई रखी गई है, इसलिए जो लोग इस बार इस आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं, उन्हें जल्द ही प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सही जानकारी, समय पर आवेदन और अच्छी तैयारी इस यात्रा को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
कब और कैसे होती है यह यात्रा?
हर साल विदेश मंत्रालय इस यात्रा का आयोजन जून से सितंबर के बीच करता है। सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को इसमें शामिल होने का मौका मिलता है। यात्रा करीब तीन हफ्तों तक चलती है और पूरी प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार होती है।
इस यात्रा के लिए दो प्रमुख मार्ग हैं। पहला उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से होकर जाता है, जहां प्राकृतिक सुंदरता तो भरपूर मिलती है लेकिन ट्रैकिंग ज्यादा करनी पड़ती है। दूसरा मार्ग सिक्किम के नाथू ला दर्रे से है, जो अपेक्षाकृत आसान है और इसमें कम पैदल चलना होता है। दोनों मार्गों का खर्च और समय थोड़ा अलग है, लेकिन अनुभव दोनों ही जगह खास होता है।
इस कठिन यात्रा के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं। केवल भारतीय नागरिक ही आवेदन कर सकते हैं। उम्र 18 से 70 साल के बीच होनी चाहिए और व्यक्ति का शारीरिक व मानसिक रूप से पूरी तरह फिट होना जरूरी है, क्योंकि यात्रा चुनौतीपूर्ण होती है।
रजिस्ट्रेशन पूरी तरह ऑनलाइन होता है। इसमें पासपोर्ट और फोटो जैसे जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। आवेदन पूरा होने के बाद SMS और ईमेल के जरिए जानकारी दी जाती है।
यात्रियों का चयन कंप्यूटराइज्ड लकी ड्रॉ के जरिए किया जाता है। इसमें पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सॉफ्टवेयर के माध्यम से रैंडम चयन होता है, जिससे सभी को समान मौका मिल सके।
चयन के बाद क्या करना होगा?
अगर आपका चयन हो जाता है, तो आपको तय फीस जमा करनी होती है और मेडिकल टेस्ट से गुजरना पड़ता है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने से पहले फिटनेस जांच बेहद जरूरी होती है, ताकि यात्रा सुरक्षित तरीके से पूरी की जा सके।