Iran Israel War : तेहरान में उठने वाला है तबाही का तूफान, ब्लूमबर्ग से लेकर वॉल स्ट्रीट जर्नल तक हर रिपोर्ट दे रही बस एक ही चेतावनी!

Iran Israel War : ईरान और इज़राइल के बीच छिड़ी इस भयानक जंग के बीच पेंटागन के पूर्व अधिकारी माइकल रुबिन ने राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प की मंशाओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होने कहा है। ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार की भूख में अमेरिका की सुरक्षा तक दांव पर लगा सकते हैं

अपडेटेड Jun 19, 2025 पर 5:11 PM
Iran–Israel War : फिलहाल गेंद ट्रंप के पाले में है। यानी फैसला अब काग़ज़ों में नहीं,ज़मीनी हमले की दहलीज़ पर खड़ा है। ट्रंप ने कहा है, ईरान को बिना शर्त झुकना होगा... वरना...

Iran Israel War : इस वीकेंड दुनिया की सबसे बड़ी ताकत ईरान पर हमला बोल सकती है। ब्लूमबर्ग से लेकर वॉल स्ट्रीट जर्नल तक हर रिपोर्ट एक ही चेतावनी दे रही है कि तेहरान में तबाही का तूफान उठने वाला है। इन रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की स्क्रिप्ट तैयार कर ली है। ब्लूमबर्ग और वॉल स्ट्रीट की रिपोर्ट से दुनिया में सनसनी फैल गई है। इन रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वीकेंड में अमेरिका, ईरान पर प्रचंड प्रहार की तैयारी में है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान पर हमला अब केवल अटकल नहीं, बल्कि एक संभावित हकीकत बन चुका है। अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की तैयारी तेज़ कर दी है और ये वीकेंड निर्णायक हो सकता है। वाइट हाउस के 'सिचुएशन रूम' में रणनीति बन चुकी है बस एक आख़िरी मंज़ूरी बाकी है।

उधर डोनाल्ड ट्रंप ने भी बुधवार को दो टूक कहा था," मैं हमला कर भी सकता हूं, नहीं भी… लेकिन अगला हफ्ता बहुत बड़ा होने वाला है, शायद हफ्ते से भी पहले।" ये वही ट्रंप हैं, जिनके फैसले दुनिया की सीमाएं तय करते हैंऔर अब उनकी घड़ी ईरान की ओर टिक-टिक कर रही है।

इसी बीच वॉल स्ट्रीट जर्नल ने भी दावा किया है कि ट्रंप ने इस हफ्ते ईरान पर हमले की योजना को मंज़ूरी दी थी, लेकिन आख़िरी पल में उन्होंने इसे रोक दिया,ये देखने के लिए कि क्या तेहरान उनकी शर्तें मानता है या नहीं।


ये हलचल तब मची है, जब ईरान के आसमान में पहले ही इज़राइल की मिसाइलें कहर बरपा रही हैं। ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स की रिपोर्ट बताती है कि इस जंग में अब तक 639 लोग मारे जा चुके हैं। जिनमें 263 आम नागरिक और 154 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।

इस खूनखराबे के बीच बेन्यामिन नेतन्याहू का बयान और भी खौफनाक है। उन्होंने कहा " हम ऑपरेशन राइज़िंग लॉयन के छठे दिन में हैं। हम तेहरान के आसमान पर नियंत्रण बनाए हुए हैं, हथियारों और मिसाइलों से हमला कर रहे हैं, लेकिन जनता की भावना अब भी मज़बूत है। हम पूरी दृढ़ता के साथ सभी बंधकों को वापस लाने और हमास को परास्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम एक साथ लड़ेंगे और ईश्वर की मदद से, हम एक साथ जीतेंगे"। यही नहीं, इस दौरान बेन्यामिन नेतनयाहू ने एक बार फिर जंग के हर मोर्चे पर इज़राइल का साथ देने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प का शुक्रिया अदा किया है।

उन्होंने कहा "हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक सभी को वापस न ले आएं और हमास का अंत न हो जाए। मैं अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद करना चाहता हूं, जो इज़राइल के एक सच्चे मित्र हैं। मैं उनके समर्थन और इज़राइल की हवाई सुरक्षा के लिए अमेरिका की मदद के लिए आभारी हूं"।

पेंटागन के पूर्व अधिकारी का बड़ा दावा "ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार की भूख"

ईरान और इज़राइल के बीच छिड़ी इस भयानक जंग के बीच पेंटागन के पूर्व अधिकारी माइकल रुबिन ने राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प की मंशाओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होने कहा है। ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार की भूख में अमेरिका की सुरक्षा तक दांव पर लगा सकते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि ट्रंप को इतिहास की समझ नहीं है और वो ईरान-इज़राइल जैसे संवेदनशील मसलों में सही-गलत का फ़र्क नहीं समझते।

फिलहाल गेंद ट्रंप के पाले में है। यानी फैसला अब काग़ज़ों में नहीं,ज़मीनी हमले की दहलीज़ पर खड़ा है। ट्रंप ने कहा है, ईरान को बिना शर्त झुकना होगा... वरना...वाइट हाउस की दीवारों के भीतर साज़िश और सर्जिकल स्ट्राइक की पटकथा साथ-साथ लिखी जा रही है। इतना तय है, अगर अमेरिका का हमला हुआ तो इसके नतीजे भयानक से भी भयानक हो सकते हैं।

 

 

अमेरिका वो करने जा रहा है, जो दुनिया में कोई नहीं कर सकता... ईरान के सबसे मजबूत परमाणु ठिकाने पर हमले की हो रही तैयारी!

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