Mango festival in US: भारतीय आम का अमेरिका में जलवा! वॉशिंगटन में मुफ्त में चखने के लिए उमड़ी हजारों की भीड़

Mango festival in US: अमेरिका के वॉशिंगटन स्थित ‘ड्यूपॉन्ट सर्कल’ में हजारों लोग भारतीय आमों की मिठास और लजीज बिरयानी का स्वाद लेने के लिए उमड़े। एक कार्यक्रम में भारतीय मूल के अमेरिकी वर्जीनिया और मैरीलैंड से ड्यूपॉन्ट सर्कल पहुंचे। उन्होंने पुरानी यादें ताजा कीं और केसर, लंगड़ा एवं मालदा सहित विभिन्न किस्मों के रसीले आमों का स्वाद चखा

अपडेटेड Jun 28, 2026 पर 3:09 PM
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वॉशिंगटन में भारतीय आमों की मिठास और व्यंजनों की खुशबू ने हजारों लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया

Mango festival in US: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में शनिवार 27 जून को भारतीय आमों की मिठास और भारतीय व्यंजनों की खुशबू ने हजारों लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया। भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित 'टेस्टिंग सेशन' में शामिल होने के लिए हजारों लोग डाउनटाउन वॉशिंगटन के ड्यूपॉन्ट सर्कल पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय आमों और स्वादिष्ट बिरयानी का मजा लिया। भारतीय दूतावास की तरफ से आयोजित 'Taste the Tropical Magic' कार्यक्रम में 8,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने भारतीय आमों के साथ बिरयानी, लस्सी, आम का हलवा, चाय और कॉफी का मुफ्त स्वाद चखा।

डाउनटाउन वॉशिंगटन के Dupont Circle में आयोजित इस 'फूड फेस्टिवल' में लोग अमेरिका के पड़ोसी राज्यों वर्जीनिया और मैरीलैंड से भी पहुंचे। कार्यक्रम में केसर, लंगड़ा, मालदा समेत कई प्रसिद्ध भारतीय आमों की किस्में लोगों को चखने के लिए उपलब्ध कराई गईं। आम प्रेमियों की लंबी-लंबी कतारें कार्यक्रम समाप्त होने तक लगी रहीं। भारतीय मूल के लोगों की ताजा हुई बचपन की यादें भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक दिशा ने कहा कि उन्हें अपनी दादी के साथ बिताए बचपन के दिन याद आ गए।

उन्होंने पीटीआई से कहा, "गर्मियों में मेरी दादी हमें आम खिलाया करती थीं। आज मैं सिर्फ भारतीय आमों का वही स्वाद फिर से महसूस करने यहां आई हूं।" वहीं, अमेरिका में FIFA World Cup देखने आए विदेशी पर्यटक एंड्रयू ने केसर आम का स्वाद लेने के बाद कहा, "यह अब तक का सबसे स्वादिष्ट आम है, जो मैंने कभी खाया है।"


'सिर्फ आम नहीं, भारत के स्वाद का उत्सव'

अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल आम चखाने तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, "यह सिर्फ आम का एक टुकड़ा या भारत की एक झलक नहीं, बल्कि भारत के विविध स्वादों का उत्सव है।" उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पिछले कई वर्षों से वॉशिंगटन के ग्रीष्मकालीन कैलेंडर का हिस्सा रहा है।

पिछले साल भारतीय दूतावास ने केवल एक टेस्टिंग बूथ लगाया था। लेकिन भारी भीड़ को देखते हुए इस बार पांच टेस्टिंग बूथ लगाए गए था। इस दौरान लोगों ने मुफ्त में आमों के अलावा बिरयानी, लस्सी, आम का हलवा, भारतीय चाय और कॉफी का आनंद लिया।

भारतीय भोजन के और आयोजन होंगे

कार्यक्रम की जबरदस्त सफलता के बाद राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि भविष्य में भारतीय दूतावास अमेरिका में ऐसे फूड प्रमोशन कार्यक्रम अधिक नियमित रूप से आयोजित करेगा। ताकि अधिक से अधिक लोग भारतीय व्यंजनों और फलों से परिचित हो सकें।

अमेरिका में बढ़ रही भारतीय आमों की मांग

कौशल खाकर ने कहा कि आम बेहद नाजुक फल है। लेकिन तेज लॉजिस्टिक्स की मदद से भारतीय प्रवासियों तक ताजा और उच्च गुणवत्ता वाले आम पहुंचाए जा रहे हैं। वहीं, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष अभिषेक देव ने बताया कि अमेरिका को भारतीय आमों का निर्यात लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भारत ने अमेरिका को 2,300 टन आम निर्यात किए थे। इस सालयह आंकड़ा एक महीने पहले ही पार हो चुका है, जिससे मांग में लगातार वृद्धि का संकेत मिलता है।

देव ने आगे कहा, "पिछले साल हमने अमेरिका को 2,300 टन आम का निर्यात किया था। इस वर्ष हमने एक महीने पहले ही इस आंकड़े को पार कर लिया।" अमेरिका में भारतीय आमों की कहानी 2006 से शुरू हुई, जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने भारतीय आमों को अमेरिका भेजने का रास्ता साफ किया था।

2006 में खुला था अमेरिकी बाजार

अमेरिका में भारतीय आमों की कहानी वर्ष 2006 से शुरू होती है, जब तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने भारत से आमों के आयात का रास्ता साफ किया था। इससे पहले अमेरिका ने मैंगो सीड वीविल (आम की गुठली में लगने वाले कीट) के खतरे के कारण भारतीय आमों के आयात पर प्रतिबंध लगाया हुआ था।

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जनवरी 2006 में अमेरिकी कृषि विभाग ने इर्रेडिएशन (कम मात्रा के विकिरण उपचार) किए गए फलों के आयात की अनुमति दी। इसके बाद भारतीय अल्फांसो आम की पहली खेप अमेरिका पहुंची, जिसका वहां जोरदार स्वागत हुआ।

कार्यक्रम की मुख्य बातें

वॉशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास ने आयोजित किया 'Taste the Tropical Magic' मैंगो फेस्टिवल।

8,000 से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा।

अेमेरिकी लोगों ने केसर, लंगड़ा, मालदा सहित कई भारतीय आमों का मुफ्त स्वाद चखा।

बिरयानी, लस्सी, आम का हलवा, चाय और कॉफी भी परोसी गई।

अमेरिका में भारतीय आमों की मांग और निर्यात लगातार बढ़ रहा है।

2006 में भारतीय आमों के लिए अमेरिकी बाजार खुलने के बाद से उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ी है।

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