Iran-US War Updates: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान पर होने वाले द्वितीय विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े सैन्य हमले को फिलहाल टाल दिया है। इसके बजाय वॉशिंगटन और तेहरान के बीच सोमवार यानी 3 अगस्त को दोपहर से नए दौर की बातचीत शुरू होगी। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम (Denuclearisation) को लेकर समझौते तक पहुंचना है।
एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार था। लेकिन क्षेत्रीय सहयोगी देशों के अनुरोध पर इस अभियान को रोकने का फैसला लिया गया। उनका कहना था कि सहयोगी देशों का मानना था कि अगर हमला किया गया तो कई महीनों से चल रहे तनाव को कूटनीतिक तरीके से खत्म करने की संभावना समाप्त हो सकती है।
बातचीत के जरिए समाधान तलाश रहे हैं दोनों देश
ट्रंप ने पत्रकारों के एक सवाल पर कहा, "अब हम बातचीत के जरिए समाधान तलाश रहे हैं। यह प्रक्रिया सोमवार दोपहर से शुरू होगी और देखेंगे कि क्या परिणाम निकलता है।" उन्होंने बताया कि वार्ता का केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों का समाधान होगा।
जब उनसे पूछा गया कि क्या बातचीत के लिए कोई समय-सीमा तय की गई है, तो ट्रंप ने कहा कि ऐसी कोई डेडलाइन नहीं है। उन्होंने कहा, "हम जब चाहें कार्रवाई के लिए तैयार हैं, लेकिन मेरी प्राथमिकता समझौता करना है। मैं लोगों की जान नहीं लेना चाहता। हम युद्ध नहीं चाहते।"
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई रोकी
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि जिस सैन्य अभियान को रोका गया, वह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई होती। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, साथ ही अमेरिका के करीबी सहयोगी संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर ने वीकेंड में हमला नहीं करने की अपील की थी।
ट्रंप के मुताबिक, इन देशों का मानना था कि बातचीत के जरिए समाधान निकल सकता है। उन्होंने कहा, "हम पूरी तरह तैयार थे। लेकिन उन्होंने कहा कि समझौते की संभावना है। होर्मुज को लेकर भी समझौता होगा और परमाणु मुद्दे पर भी समाधान निकलेगा।"
हालांकि, ईरान ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान की सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी ने कहा कि तेहरान ने अमेरिका से सैन्य कार्रवाई रोकने की कोई अपील नहीं की और ट्रंप का दावा एक और झूठ है। इस बीच, ईरानी मीडिया के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए ओमान की मध्यस्थता में चल रही बातचीत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है और फाइनल होने के रास्ते पर है।
यदि दोनों देशों के बीच यह वार्ता सफल रहती है, तो इससे न केवल मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव कम हो सकता है, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।