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Nepal: नेपाल की बालेन शाह सरकार के इस फैसले से मचा हड़कंप, प्रशासनिक गलियारों में खलबली

Nepal News: सरकार का कहना है कि यह कदम पिछली सरकारों विशेष रूप से सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार द्वारा की गई 'राजनीतिक रूप से प्रेरित' नियुक्तियों को हटाने और पारदर्शिता लाने के लिए जरूरी था। वैसे नेपाल में नई सरकारों के लिए पिछली नियुक्तियों की समीक्षा करना आम बात है, लेकिन इस बार इसका पैमाना बहुत बड़ा है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड May 03, 2026 पर 3:54 PM
Nepal: नेपाल की बालेन शाह सरकार के इस फैसले से मचा हड़कंप, प्रशासनिक गलियारों में खलबली
इस फैसले से नेपाल के स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी उद्यमों में नेतृत्व का संकट खड़ा हो गया है

Nepal Administrative Shake-up: नेपाल की बालेन शाह सरकार अपने फैसलों को लेकर लगातार चर्चा में बनी हुई है। नई सरकार ने एक कड़ा कदम उठाते हुए देश के प्रशासनिक ढांचे में अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल किया है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल द्वारा जारी एक विशेष अध्यादेश के माध्यम से 1,500 से अधिक सार्वजनिक नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। इस फैसले से नेपाल के स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी उद्यमों में नेतृत्व का संकट खड़ा हो गया है।

अध्यादेश से हुई सामूहिक बर्खास्तगी

नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने मंत्रिपरिषद की सिफारिश पर 'सार्वजनिक पदधारकों को हटाने के लिए विशेष प्रावधान अध्यादेश, 2083' जारी किया है। इस अध्यादेश के तहत 26 मार्च 2026 से पहले नियुक्त किए गए 1,594 पदाधिकारी बर्खास्त कर दिए गए हैं। यह प्रावधान अनिवार्य करता है कि 26 मार्च से पहले की सभी नियुक्तियां स्वतः समाप्त मानी जाएंगी, चाहे उनका कार्यकाल या शर्तें कुछ भी हों।

इन प्रमुख संस्थानों में कोई नेतृत्व नहीं बचा

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