Nepal Protest: काठमांडू में भारतीय पर्यटकों पर हमला! Gen Z प्रदर्शनकारियों ने बस पर की पत्थरबाजी, सामान और पैसे लूटे

Nepal Gen Z Protest: बदमाशों ने नेपाल की राजधानी काठमांडू के पास भारतीयों की बस पर हमला किया। इस दौरान उनका सामान लूट लिया और कई लोगों को घायल कर दिया। पुलिस के अनुसार, तीर्थयात्री काठमांडू में पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन से लौट रहे थे, तभी उत्तर प्रदेश के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली उनकी बस पर हमला हुआ

अपडेटेड Sep 12, 2025 पर 9:13 AM
Nepal Gen Z Protest: हमलावरों ने बस पर पत्थर भी फेंके। उसकी खिड़कियां तोड़ दीं। यात्रियों से उनके बैग, कैश और मोबाइल फोन लूट लिए

Nepal Gen Z Protest: नेपाल में जारी हिंसक विरोध-प्रदर्शन के बीच आंध्र प्रदेश के तीर्थयात्रियों के एक जत्थे पर गुरुवार (11 सितंबर) को Gen Z प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। बदमाशों ने काठमांडू के पास उनकी बस पर हमला किया। इस दौरान उनका सामान लूट लिया और कई लोगों को घायल कर दिया। पुलिस के अनुसार, तीर्थयात्री काठमांडू में पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन से लौट रहे थे, तभी उत्तर प्रदेश के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली उनकी बस पर हमला हुआ। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, हमलावरों ने बस पर पत्थर भी फेंके। उसकी खिड़कियां तोड़ दीं। यात्रियों से उनके बैग, कैश और मोबाइल फोन लूट लिए।

बस कर्मचारी श्यामू निषाद ने TOI से कहा, "सात-आठ यात्री घायल हो गए। हालांकि, नेपाली सेना के जवान हमारी मदद के लिए आए। बाद में भारत सरकार ने सभी फंसे हुए यात्रियों को काठमांडू से दिल्ली हवाई मार्ग से पहुंचाने की व्यवस्था की।" क्षतिग्रस्त बस गुरुवार शाम उत्तर प्रदेश में महाराजगंज के पास सोनौली सीमा पर पहुंची। इस भयावह दृश्य को याद करते हुए आंध्र प्रदेश के रहने वाले बस चालक राज ने कहा कि भीड़ ने उस समय हमला किया जब वह भारत वापस जा रहे थे।

सोनौली सीमा पर पहुंचने के बाद उन्होंने कहा, "हमलावरों ने पत्थरों से सभी शीशे तोड़ दिए और हमारा सामान लूट लिया।" नेपाल में हिंसा और तनाव के कारण भारतीय अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी हैसीमा पार किसी भी अप्रिय घटना या अवैध आवाजाही को रोकने के लिए तीनों राज्यों के सीमावर्ती जिले हाई अलर्ट पर हैं

नेपाल में भड़की हिंसा के बीच कैलाश मानसरोवर से लौट रहे अयोध्या के नौ तीर्थयात्री अशांति और आगजनी के कारण रास्ते बाधित होने के चलते नेपाल-चीन सीमा पर हिलसा इलाके में फंस गए हैं। अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने गुरुवार को बताया कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। नेपाल स्थित भारतीय दूतावास के साथ तालमेल करके तीर्थयात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।

फुंडे ने पीटीआई बताया, "नौ लोग गत एक सितंबर को मानसरोवर यात्रा के लिए अयोध्या से निकले थे। वापसी के दौरान वे चीन से गुजरने के बाद नेपाल में फंस गए। उनके परिवार उनके संपर्क में हैं और हम उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं।"

उन्होंने बताया कि फंसे हुए तीर्थयात्रियों में सुशील राजपाल, चमन सिंह, मदन जायसवाल, विकास गुप्ता, रमाकांत यादव, शैलेंद्र अग्रहरि, अनूप कुमार सिंह, प्रकाश श्रीवास्तव और हरि श्याम त्रिपाठी शामिल हैं। अयोध्या में परिवार के सदस्यों ने कहा कि वे तीर्थयात्रियों के लगातार संपर्क में हैं लेकिन नेपाल में बिगड़ते हालात से बेहद चिंतित हैं।


अंतरिम सरकार को लेकर गतिरोध जारी

नेपाल सरकार के लिए अंतरिम प्रमुख के चयन को लेकर गतिरोध जारी है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शांति की अपील करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य संवैधानिक ढांचे के भीतर राजनीतिक संकट का समाधान ढूंढना है। अंतरिम सरकार के लिए राजनीतिक बातचीत जारी रहने के बीच काठमांडू और देश के अन्य हिस्सों में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है, जहां सेना संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, सोमवार से शुरू हुए दो दिनों के हिंसक प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है।

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सरकार विरोधी प्रदर्शनों का नेतृत्व करने वाले 'जेन जेड' के प्रतिनिधियों ने अंतरिम सरकार के संबंध में शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। लेकिन वार्ता में इस मुद्दे पर गतिरोध उत्पन्न हो गया कि इसका नेतृत्व कौन करेगा। वर्ष 1997 से लेकर 2012 तक के बीच जन्में युवाओं को प्राय: ‘जेन जेड’ पीढ़ी के नाम से जाना जाता है।

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