PoK Protest: 'वे भारत की तरह दुश्मन हैं..'; मुनीर की सेना ने पीओके में की 34 प्रदर्शनकारियों की हत्या, पाकिस्तानी रक्षा मंत्री का शर्मनाक बयान

PoK Protest: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ़ ने एक बार फिर विवादित बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इस्लामाबाद की हिंसक कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि वे इन प्रदर्शनकारियों को 'भारत जैसे दुश्मन' के तौर पर देखते हैं

अपडेटेड Jul 29, 2026 पर 1:23 PM
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PoK Protest: पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने PoK में 34 प्रदर्शनकारियों की मौत का बचाव किया है

PoK Protest: पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में बढ़ते तनाव के बीच एक शर्मनाक बयान देकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा है कि वे कश्मीरी प्रदर्शनकारियों को भारत की तरह ही पाकिस्तान का दुश्मन मानते हैं। आसिफ का यह बयान PoK के रावलकोट इलाके में पिछले कुछ दिनों में आम नागरिकों की हत्या के बीच आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, PoK के रावलकोट इलाके में हुई नई हिंसा के बीच पाकिस्तानी सेना ने पिछले दो दिनों में कम से कम 34 कश्मीरी प्रदर्शनकारियों की बेरहमी से हत्या कर दी है।

एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान PoK में हिंसा के ताजा दौर में कम से कम 40 लोग मारे गए हैं। इनमें 34 आम नागरिक और छह सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वायरल हो रहे एक वीडियो में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा, "मैं आजाद कश्मीर के प्रदर्शनकारियों को भी भारत की ही कैटेगरी में रखता हूं। उन्हें भी भारत की तरह ही दुश्मन मानता हूं।"

अब तक 90 लोगों की हत्या


PoK में जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच 5 जून से अब तक 90 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए हैं। इन वीडियो में मीरपुर शहर में पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी आम नागरिकों पर खुलेआम गोली चलाते और बाद में शवों को अपनी गाड़ियों में लादते हुए दिख रहे हैं। मारे गए ज्यादातर लोग जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) से जुड़े कार्यकर्ता थे।

इस्लामाबाद ने इस संगठन पर इसलिए बैन लगा दिया था क्योंकि इसने इलाके में मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ आवाज उठाई थी। मरने वालों में उस्मान नजीर भी शामिल थे, जो JAAC के संस्थापक सदस्य उमर नज़ीर के छोटे भाई थे।

बेरहमी से हत्याएं

जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) समेत कई सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किए गए वीडियो में पाकिस्तानी सेना की बर्बरता दिखाई दी। इसमें स्थानीय लोग अपनी जान बचाने के लिए भागते हुए दिखे। X पर शेयर किए गए वीडियो में सड़कों पर लाशें और हर तरफ गिरी हुई मोटरसाइकिलें दिखाई दे रही थीं।

मारे गए स्थानीय लोग इस इलाके में इस्लामाबाद द्वारा किए जा रहे मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ अपना समर्थन दिखाने के लिए बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे थे। JAAC ने X पर पोस्ट किया, "मीरपुर में सड़कों पर पांच और लोग शहीद हुए हैं। चुरहोई में जनता सड़कों पर है... सरसोहा पंजहेरा सेहंसा को छोड़कर, हर तरफ सम्मानित लोग अपने भाइयों का दर्द सहते हुए सड़कों पर हैं।"

पाकिस्तानी पुलिस अधिकारियों पर मीरपुर अवामी एक्शन कमेटी के युवा सदस्यों को निशाना बनाने का आरोप लगाया गया। X पर एक और पोस्ट में JAAC ने कहा, "आम लोगों के कारवां पर भयानक गोलीबारी जारी है। हम लाशें उठा रहे हैं। लेकिन आप उस नफरत को बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे जिसे आप आज बो रहे हैं।"

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समूह ने पाकिस्तानी मीडिया की भी आलोचना की है। पाक मीडिया ने रिपोर्ट किया था कि JAAC रावलकोट में घुसने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि वे किसी के घर में नहीं घुसे। बल्कि यह उनकी जमीन है जिस पर जबरदस्ती कब्जा किया गया है।

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