Russia and Ukraine: रूस और यूक्रेन के बीच चले रहे जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि यह कॉल लगभग एक घंटे और 15 मिनट तक चली। दोनों नेताओं ने रूसी हवाई अड्डों पर यूक्रेनी ड्रोन हमले' के साथ दोनों पक्षों द्वारा हो रहे विभिन्न अन्य हमलों पर चर्चा की। डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा, 'यह एक अच्छी बातचीत थी, लेकिन ऐसी बातचीत नहीं जो तत्काल शांति लाएगी।' उन्होंने आगे कहा कि व्लादिमीर पुतिन ने बलपूर्वक ये संकेत दिया कि रूस उसके हवाई अड्डों पर हुए हमलों का जवाब देगा।
ट्रंप-पुतिन कॉल में हुई ईरान को लेकर चर्चा
ट्रंप -पुतिन के बीच हुई इस चर्चा में ईरान के साथ चल रही परमाणु वार्ता भी शामिल थी। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि व्लादिमीर पुतिन ने वार्ता में भाग लेने की पेशकश की और 'शायद वे इसे जल्दी निष्कर्ष पर पहुंचाने में सहायक हो सकते हैं।' अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा, 'हमने ईरान पर भी चर्चा की, और इस तथ्य पर भी कि ईरान के परमाणु हथियारों से संबंधित निर्णय के लिए समय निकल रहा है, जिसे जल्दी से लिया जाना चाहिए।' ईरान पर सौदे में देरी करने के लिए आलोचना करते हुए डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, 'मेरी राय में ईरान इस बहुत महत्वपूर्ण मामले पर अपने निर्णय को धीमा कर रहा है, और हमें बहुत कम समय में एक निश्चित जवाब की आवश्यकता होगी!'
बुधवार की कॉल डोनाल्ड ट्रम्प और व्लादिमीर पुतिन के बीच 19 मई के बाद दूसरी बातचीत थी। बता दें कि व्हाइट हाउस यूक्रेन में संघर्ष को रोकने की वकालत कर रहा है। रूसी और यूक्रेनी अधिकारियों के बीच हालिया सीधी बातचीत के बावजूद, संघर्ष विराम परअभी भी कोई सहमति नहीं बन पाई है। रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण शुरू किया था जिससे एक युद्ध छिड़ गया जो अब अपने तीसरे वर्ष में है।
यूक्रेन ने किया था रूस के एयर बेस पर ड्रोन अटैक
इन ड्रोनों को रूस में ट्रकों में छुपाकर ले जाया गया था। इसके बाद इन्हें रिमोटली खोलकर विस्फोटकों से लैस कर रूसी हवाई अड्डों पर हमला किया गया। यूक्रेन का दावा है कि इन हमलों में रूस के 41 विमान (जिनमें Tu-95, Tu-22M3, और A-50 जैसे रणनीतिक बमवर्षक शामिल थे) नष्ट या क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, चार Tu-95 भारी बमवर्षक या तो नष्ट हो गए या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। यूक्रेन का दावा है कि इस हमले से रूस को लगभग 7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ।