बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में एक हिंदू व्यक्ति बाजेंद्र विश्वास की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि आरोपी ने गोली चलाने से पहले विश्वास से पूछा, “क्या मैं गोली चलाऊं?” यह बात वहां मौजूद एक गवाह ने पुष्टि की है और बताया कि गोली चलाने से कुछ पल पहले दोनों साथ बैठे थे।
न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, आरोपी का नाम नोमान मिया है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। बाजेंद्र विश्वास और नोमान मिया दोनों बांग्लादेश के अंसार बल (एक अर्धसैनिक बल) से जुड़े हुए थे।
गवाह एपीसी मोहम्मद आजहर अली, जो लबीब ग्रुप में ड्यूटी पर थे, ने कहा कि नोमान मिया और बाजेंद्र विश्वास उनके कमरे में साथ बैठे थे। अचानक नोमान मिया ने अपनी शॉटगन बाजेंद्र की जांघ पर रखी और कहा, “क्या मैं गोली चलाऊं?” इतना कहकर उसने फायर कर दिया। गोली लगने के बाद नोमान वहां से भाग गया। गवाह के मुताबिक, दोनों के बीच पहले किसी तरह का झगड़ा या तनाव नहीं था।
यह घटना सोमवार, 29 दिसंबर की शाम करीब 6:30 बजे मेहरबाड़ी इलाके में हुई।
कुछ दिन पहले इसी जिले में दिपु चंद्र दास नाम के एक अन्य हिंदू व्यक्ति की भी हत्या कर दी गई थी। उस पर धर्म का अपमान (ईशनिंदा) करने का झूठा आरोप लगाकर भीड़ ने उसे पीट-पीटकर मार डाला, फिर उसका शव पेड़ से बांधकर आग लगा दी।
दिपू चंद्र दास की हत्या के बाद भारत के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए। बांग्लादेश की अस्थायी सरकार, जिसका नेतृत्व मुहम्मद यूनुस कर रहे हैं, ने भी इस घटना की निंदा की है।