Thailand News: एक संवैधानिक कोर्ट ने फोन कॉल लीक के मामले में थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनवात्रा को निलंबित कर दिया है। पैटोंगटार्न को कंबोडिया के साथ हालिया सीमा विवाद से निपटने के लिए बढ़ते असंतोष का सामना करना पड़ रहा है। पीएम के खिलाफ निलंबन आदेश थाईलैंड के संवैधानिक कोर्ट द्वारा मंगलवार (1 जुलाई) को जारी किया गया। 38 वर्षीय पैटोंगटार्न को यह झटका उसी दिन लगा जिस दिन उनके पिता एवं पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा को शाही मानहानि के आरोपों के लिए आपराधिक अदालत का सामना करना पड़ा है।
पैटोंगटार्न शिनावात्रा (Paetongtarn Shinawatra) और कंबोडिया के पूर्व प्रधानमंत्री हुन सेन के बीच हुई एक फोन कॉल लीक होने के बाद देश में जबरदस्त राजनीतिक हलचल मच गई है। बैंकॉक की सड़कों पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी उतर आए। उन्होंने प्रधानमंत्री से तत्काल इस्तीफे की मांग की।
लीक हुई इस कॉल में शिनावात्रा, हुन सेन को अंकल कहकर संबोधित करती सुनाई दीं। थाई सैन्य कमांडर पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ कूल दिखने के लिए ऐसे बयान दिए जो किसी काम के नहीं थे। इस बयान से जनता में गुस्सा भड़क उठा। शिनावात्रा के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ गठबंधन की एक अहम सहयोगी पार्टी ने भी समर्थन वापस ले लिया।
प्रधानमंत्री ने इस पर सफाई दी और माफी भी मांगी। बाढ़ प्रभावित उत्तरी थाईलैंड के दौरे पर रवाना होने से पहले उन्होंने पत्रकारों से कहा कि लोगों का शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना अधिकार है। प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ बैंकॉक के विक्टरी मॉन्यूमेंट वॉर मेमोरियल के पास इकट्ठा हुई, जहां वे झंडे लहराते और प्रधानमंत्री देश की दुश्मन हैं जैसे नारे लिखे पोस्टर थामे हुए थे।
भीड़ ने मूसलाधार बारिश के बावजूद प्रदर्शन जारी रखा। यह 2023 में फ्यू थाई पार्टी की सत्ता में वापसी के बाद सबसे बड़ा प्रदर्शन रहा है। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पार्नथेप पूरपोंगपान ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि समस्या की जड़ वही हैं।
इस प्रदर्शन का आयोजन यूनाइटेड फोर्स ऑफ द लैंड नामक राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं के गठबंधन ने किया था, जो पिछले दो दशकों से शिनावात्रा परिवार की सरकारों के खिलाफ प्रदर्शन करता रहा है। उन्होंने भीड़ को संबोधित करते हुए एक बयान में कहा कि कार्यपालिका और संसद लोकतंत्र और संवैधानिक राजतंत्र के हित में काम नहीं कर रही हैं।
इस पूरे विवाद के बीच थाईलैंड की संवैधानिक अदालत मंगलवार को अपना फैसला सुनाने हुए पीएम को सस्पेंड कर दिया। कोर्ट प्रधानमंत्री शिनावात्रा को हटाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह याचिका सीनेटरों द्वारा पेश की गई है, जिसमें प्रधानमंत्री पर गैर-पेशेवर व्यवहार का आरोप लगाया गया है।
इस बीच, हुन सेन ने खुलासा किया कि उन्होंने यह ऑडियो 80 राजनेताओं के साथ शेयर किया था। उन्हीं में से किसी ने इसे लीक किया। बाद में उन्होंने पूरी 17 मिनट की बातचीत को अपने फेसबुक पेज पर अपलोड कर दिया। इस कॉल में थाईलैंड और कंबोडिया के बीच हालिया सीमा विवाद पर चर्चा की गई थी।