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Trump vs Harvard: हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को भी अब देना होगा टैक्स, ट्रंप ने कहा- इसी लायक है

Trump vs Harvard: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के बीच की भिड़ंत ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने हार्वर्ड के टैक्स-फ्री स्टेटस को खत्म करने का ऐलान कर दिया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि हार्वर्ड इसी लायक है। एकेडमिक फ्रीडम, फेडरल फंडिंग और राजनीतिक प्रभाव को लेकर यह टक्कर जानिए कहां से शुरू हुई और अब तक इस मामले में क्या-क्या हुआ

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड May 03, 2025 पर 1:39 PM
Trump vs Harvard: हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को भी अब देना होगा टैक्स, ट्रंप ने कहा- इसी लायक है
Trump vs Harvard: मांगों को नहीं मांगने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का टैक्स-फ्री स्टेटस खत्म करने का ऐलान कर दिया है।

Trump vs Harvard: मांगों को नहीं मांगने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का टैक्स-फ्री स्टेटस खत्म करने का ऐलान कर दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर कहा कि हार्वर्ड के टैक्स एग्जेम्पट स्टेटस को हटाया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी इसी की हकदार है। इसे लेकर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट एलन गार्बर (Alan Garber) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होने वाल स्ट्रीट जर्नल के साथ शुक्रवार को एक इंटरव्यू में इसे हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के लिए "अत्यधिक अवैध" और "विनाशकारी" कहा। ट्रम्प ने यह ऐलान ऐसे समय में किया है, जब ट्रंप सरकार ने मांग नहीं मानने के चलते हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को 220 करोड़ के केंद्रीय ग्रांट पर रोक लगा दिया है और इस रोक के खिलाफ हार्वर्ड ने मोर्चा खोल दिया है।

Trump vs Harvard: किस मांग को नहीं माना हार्वर्ड ने?

ट्रम्प सरकार ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में व्यापक सरकारी और नेतृत्व सुधारों के साथ-साथ इसकी प्रवेश नीतियों में बदलाव की मांग की थी। इसके अलावा ट्रंप ने यूनिवर्सिटी कैंपस में डाईवर्सिटी यानी विविधता के दृष्टिकोण की जांच करने और कुछ छात्र क्लबों को मान्यता देना बंद करने की भी मांग की थी। हालांकि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने इन मांगों को स्वीकार नहीं किया और ऐलान किया कि वह सरकार की मांगों के आगे नहीं झुकेगा। यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट एलन गार्बर ने जोर देकर कहा कि इंस्टीट्यूट न तो अपनी स्वतंत्रता को नहीं छोड़ेगा और न ही अपने संवैधानिक अधिकारों को छोड़ेगा। बता दें कि हार्वर्ड अमेरिका की उन कुछ यूनिवर्सिटीज में शुमार है, जहां पिछले साल गाजा में युद्ध के दौरान फिलिस्तीनी के समर्थन में विरोध प्रदर्शन हुए थे। तब से रिपब्लिकन अधिकारियों ने इन संस्थानों की जांच तेज कर दी है, जिसमें कई आइवी लीग के प्रेसिडेंट्स ने यहूदी विरोधी आरोपों पर कांग्रेस के सामने गवाही दी है।

क्या कार्रवाई हो चुकी है हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर?

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