US-Iran War: होर्मुज स्ट्रेट का झंझट खत्म? नया 'नो-एंट्री जोन' बनाने की तैयारी में ईरान, कमर्शियल जहाजों को प्रतिबंध की चेतावनी

US-Iran War: ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक नया 'एक्सक्लूजन जोन' (वर्जित क्षेत्र) बनाने की तैयारी कर रहा है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि जो कमर्शियल जहाज इस रणनीतिक रूप से अहम जलमार्ग का इस्तेमाल करने की कोशिश करेंगे, उनकी पहचान की जा सकती है। फिर उन पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं

अपडेटेड Sep 07, 2026 पर 10:11 AM
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Iran-US Conflict: ईरानी सरकारी टेलीविजन पर 'नो एंट्री जोन' योजना की घोषणा की है

Iran-US Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा ऐलान किया है। ईरान एक नया 'एक्सक्लूजन जोन' (Exclusion Zone) बनाने की तैयारी कर रहा है। ईरान ने चेतावनी दी है कि इस इलाके में एंट्री कर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश करने वाले कमर्शियल जहाजों की पहचान होने पर उन्हें तेहरान की प्रतिबंधित लिस्ट में डाला जा सकता है।

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के नवनियुक्त प्रमुख मोहेसन रेजाई ने रविवार (6 सितंबर) को ईरानी सरकारी टेलीविजन से बातचीत में इस योजना का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित क्षेत्र की विस्तृत जानकारी आने वाले दिनों या हफ्तों में सार्वजनिक की जाएगी।

कहां बनाया जाएगा नया एक्सक्लूजन जोन?


रेजाई के मुताबिक, प्रस्तावित क्षेत्र अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी की लाइन से शुरू होकर होर्मुज जलडमरूमध्य की दिशा में और फिर फारस की खाड़ी की ओर विस्तारित होगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी जहाज इस क्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के इरादे से प्रवेश करेगा और जिसकी पहचान की जाएगी, उसे ईरान की प्रतिबंध सूची में डाल दिया जाएगा। हालांकि, इस समय यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान द्वारा प्रस्तावित एक्सक्लूजन जोन की सटीक भौगोलिक सीमा कितनी होगी।

अमेरिका की नाकेबंदी से पहले ही बढ़ा तनाव

होर्मुज को लेकर ईरान का यह ऐलान ऐसे समय हुआ है जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक दिन पहले अमेरिका ने तीन ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया था। इससे पहले ईरान की ओर से अमेरिकी युद्धपोतों की दिशा में बैलिस्टिक मिसाइलें दागे जाने की बात सामने आई थी।

अमेरिका की ओर से की जा रही नाकेबंदी का उद्देश्य ईरान के तेल निर्यात को सीमित करना और तेहरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाना बताया जा रहा है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, 20 से अधिक युद्धपोत इस नाकेबंदी को लागू करने में शामिल हैं। रविवार तक अमेरिकी सेना के अनुसार कार्रवाई के चलते 92 कमर्शियल जहाजों का रूट्स बदला गया। जबकि तीन जहाजों को निष्क्रिय किया गया।

होर्मुज में जहाजों को लेकर आमने-सामने ईरान-अमेरिका

ईरान पहले से ही होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को चुनौती देता रहा है। यह समुद्री रूट मौजूदा संघर्ष में तेहरान के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक दबाव का साधन बन गया है। रविवार को ईरान ने दावा किया कि उसने जलडमरूमध्य में एंट्री करने की कोशिश कर रहे एक मानवरहित अमेरिकी पोत को निशाना बनाया। हालांकि, अमेरिकी सेना ने इस दावे को खारिज करते हुए इसे पूरी तरह झूठ बताया।

कई हफ्तों की शांति के बाद फिर शुरू हुई जंग

अमेरिका और ईरान के बीच हालिया टकराव लगभग एक महीने की शांति के बाद पिछले सप्ताह फिर तेज हुआ है। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान का दक्षिणी तट एक बार फिर संघर्ष के केंद्र में आ गया है। सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी हमलों में कम से कम पांच लोगों की मौत होने की खबर सामने आई थी।

इनमें एक ऐसा हमला भी शामिल था, जिसने उस क्षेत्र पर फिर ध्यान खींचा जहां युद्ध के शुरुआती चरण में एक स्कूल भी हमले की चपेट में आया था। ट्रंप प्रशासन ईरान पर एक साथ सैन्य और आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है। अमेरिका ने उन विदेशी वित्तीय संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई की है जिन पर ईरान से जुड़ी वित्तीय गतिविधियों को सुविधाजनक बनाने का आरोप है।

ईरान बोला- कूटनीति के लिए चाहिए गारंटी

ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहेसन रेजाई ने अमेरिका और तेहरान के बीच अब टूट चुकी बातचीत को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पाकिस्तान, कतर और ओमान जैसे मध्यस्थ देशों की भूमिका पर भी असंतोष जताया। रेजाई के अनुसार जून के मध्य में दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते को लेकर बनी सहमति कुछ ही दिनों में कमजोर पड़ गई और अमेरिका तथा ईरान ने एक-दूसरे पर शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अब ईरान गारंटी के साथ कूटनीति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज?

होर्मुज जलडमरूमध्य ग्लोबल एनर्जी आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। फारस की खाड़ी क्षेत्र से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से दुनिया के बाजारों तक पहुंचती है।अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट के मुताबिक, रविवार को भी औसतन करीब 90 लाख बैरल तेल प्रतिदिन होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मौजूद पाइपलाइनें भी ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने में मदद कर रही हैं। उनके अनुसार, मौजूदा स्थिति में तेल की आवाजाही संघर्ष से पहले के स्तर की करीब दो-तिहाई या उससे अधिक बनी हुई है।

बढ़ सकती है वैश्विक चिंता

ईरान की ओर से नए एक्सक्लूजन जोन की घोषणा और जहाजों को प्रतिबंध की चेतावनी ने होर्मुज स्ट्रेट से होने वाले व्यावसायिक समुद्री परिवहन को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। यदि इस रणनीतिक जलमार्ग पर जहाजों की आवाजाही और बाधित होती है, तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है।

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