US Kills 3 Indian: 'ईरान से गैर-कानूनी तेल ट्रांसपोर्ट बर्दाश्त नहीं किया जाएगा'; तीन भारतीयों की हत्या पर अमेरिका ने नहीं मांगी माफी

US Navy Kills 3 Indian Sailors:अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य से निकल रहे भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले करने का आरोप लगाते हुए इस कथित कार्रवाई को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। जबकि तेहरान ने इस आरोप को निराधार करार दिया। ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले तीन जहाजों पर हमले हुए थे। इनमें से एक हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी

अपडेटेड Jun 14, 2026 पर 12:15 PM
US Navy Kills 3 Indian Sailors: अमेरिका ने कहा कि होर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

US Navy Kills 3 Indian Sailors: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि अमेरिकी नाकेबंदी का कोई भी उल्लंघन और होर्मुज जलडमरूमध्य से ईरानी तेल का अवैध परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले तीन जहाजों पर हमले हुए थे। इनमें से एक हमले में बुधवार को तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। रूबियो ने यह बात विदेश मंत्री एस जयशंकर से कही।

जयशंकर ने शुक्रवार को रूबियो से बातचीत कर ओमान तट के निकट जहाजों पर हुए अमेरिकी हमलों में भारतीय नागरिकों की मौत पर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा, "मंत्री रूबियो ने जोर दिया कि सभी वाणिज्यिक जहाजों को तुरंत अमेरिकी सेना के आदेशों का पालन करना चाहिए, क्योंकि वे जलडमरूमध्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।"

पिगॉट ने एक बयान में कहा कि रूबियो ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल का अवैध परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अमेरिका ने 13 अप्रैल से होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में नौसैन्य नाकेबंदी लागू कर रखी है, जिसके तहत ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों की आवाजाही को रोका जा रहा है। यह कदम तेहरान को तेल व्यापार से होने वाली आय से वंचित करने के अमेरिकी प्रयासों का हिस्सा है।


अमेरिकी नेवी ने की तीन भारतीयों की हत्या

इस सप्ताह ओमान के तट के पास भारतीय चालक दल वाले तीन जहाजों पर हमले हुए। इनमें से एक हमले में बुधवार को तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। इसके बाद जयशंकर ने रूबियो को फोन कर ओमान की खाड़ी में एक कमर्शियल जहाज पर अमेरिकी सैन्य हमले में भारतीय नागरिकों की मौत पर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया। रूबियो से बातचीत के बाद जयशंकर ने x पर एक पोस्ट में कहा, "कमर्शियल जहाजों के खिलाफ इस तरह की घातक कार्रवाई किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराई जा सकती।"

अमेरिकी अधिकारी तलब

इससे पहले, शुक्रवार को भारत ने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को तलब किया। इस दौरान उन्हें बताया कि ओमान के तट के निकट भारतीय चालक दल के सदस्यों वाले कमर्शियल जहाजों पर अमेरिकी सेना के घातक और जानलेवा हमले अस्वीकार्य हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होर्मुज से निकल रहे भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले करने का आरोप लगाते हुए इस कथित कार्रवाई को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। हालांकि, ईरान ने ट्रंप के आरोपों को सख्ती से खारिज कर दिया।

भारत में ईरानी दूतावास ने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य में एक भारतीय जहाज को लेकर ईरान पर लगाया गया अमेरिकी राष्ट्रपति का आरोप पूरी तरह निराधार है।" ट्रंप ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य से निकल रहे भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले करने का आरोप लगाते हुए इस कथित कार्रवाई को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया। जबकि तेहरान ने इस आरोप को निराधार करार दिया।

जयशंकर ने उठाया मुद्दा

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बातचीत में ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाते हुए ऐसी घात कार्रवाई को अनुचित बताया।

जयशंकर और रुबियो के बीच फोन पर हुई बातचीत के कुछ घंटों बाद, अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि (अमेरिकी) मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी जहाजों को अमेरिकी सेना के आदेशों का पालन करना होगा।

विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि रूबियो ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल का अवैध परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तेहरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को असल में बंद कर दिए जाने के जवाब में अमेरिकी सेना ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य एक अहम परिवहन मार्ग है, जिससे दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का व्यापार होता है।

तीन भारतीय जहाजों पर हमला

आठ जून को हमला किया था। इस जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था। इसके बाद 10 जून को अमेरिका ने पलाऊ के ही ध्वज वाले एक अन्य टैंकर 'सेटेबेलो' पर हमला किया, जिस पर सवार 24 भारतीय नाविकों में से तीन की मौत हो गई।

इसके अलावा, गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले टैंकर 'जलवीर' पर भी गुरुवार को हमला हुआ था। इस जहाज पर 20 भारतीय नागरिक सवार थे। जलवीर पर हुए हमले के बाद, भारत ने कहा कि इस हफ्ते ओमान के तट के पास भारतीय चालक दल वाले तीन कमर्शियल जहाजों पर अमेरिकी सेना ने हमला किया, जिसमें तीन नागरिकों की मौत हो गई।

एक बयान में अमेरिका ने कहा कि रुबियो और जयशंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य में हाल की घटनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा, "(अमेरिकी) विदेश मंत्री ने जोर दिया कि सभी कमर्शियल जहाजों को अमेरिकी सेना के आदेशों का तुरंत पालन करना चाहिए, क्योंकि वे इस जलडमरूमध्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं।"

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पिगॉट ने कहा, "उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल की गैर-कानूनी ढुलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" नई दिल्ली की ओर से पहली बार सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया गया था कि अमेरिकी नौसेना ने भारतीय चालक दल वाले तीन जहाजों को निशाना बनाया था।

राहुल गांधी का हमला

तीन भारतीयों की हत्या पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने X पर लिखा, "अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफ़सोस, न माफ़ी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है। उनके शब्द पढ़िए: 'अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें।' कोई उल्लंघन “बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

राहुल ने आगे कहा, "एक आजाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे Compromised PM? चुप। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं। Compromised PM देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा - क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।"

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