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'जब तक आतंक रहेगा, तब तक हम अपने बारूद को सूखा रखेंगे', ऑक्सफोर्ड में मुंबई के लड़के ने पाकिस्तान को दिखाया आईना

Viraansh Bhanushali: जब भारत ने हाल के वर्षों में सर्जिकल स्ट्राइक से जवाब दिया, तो उसे 'चुनावी ड्रामा' कहने वालों को वीरांश ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'हमने गुनहगारों को सजा दी और रुक गए। हमने न कब्जा किया, न युद्ध। यह 'पॉपुलिज्म' नहीं, बल्कि 'प्रोफेशनलिज्म' है'

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Dec 24, 2025 पर 11:09 PM
'जब तक आतंक रहेगा, तब तक हम अपने बारूद को सूखा रखेंगे', ऑक्सफोर्ड में मुंबई के लड़के ने पाकिस्तान को दिखाया आईना
मुंबई के लॉ स्टूडेंट वीरांश भानुशाली ने अपनी धारदार दलीलों से पाकिस्तान के झूठे गुब्बारों की हवा निकाल दी

Oxford Union Debate: कहते हैं जब सच्चाई और तर्क एक साथ हों, तो भारी-भरकम शब्दों की जरूरत नहीं पड़ती। कुछ ऐसा ही नजारा दुनिया की मशहूर डिबेटिंग सोसाइटी 'ऑक्सफोर्ड यूनियन' में देखने को मिला। वहां बहस का मुद्दा था 'क्या भारत की पाकिस्तान नीति केवल चुनावी लोकप्रियता के लिए है?' इस मौके पर जब पाकिस्तान की ओर से बड़े-बड़े दावों के गुब्बारे छोड़े जा रहे थे, तब मुंबई के एक लॉ स्टूडेंट वीरांश भानुशाली ने अपनी धारदार दलीलों से उन गुब्बारों की हवा निकाल दी।

'भाषण नहीं, कैलेंडर ही काफी है'

वीरांश ने अपनी बात की शुरुआत किसी भारी-भरकम थ्योरी से नहीं, बल्कि एक 'कैलेंडर' से की। उन्होंने कहा, 'इस डिबेट को जीतने के लिए मुझे किसी लफ्फाजी की जरूरत नहीं है। मुझे बस एक कैलेंडर की जरूरत है।' उन्होंने इतिहास की तारीखों को गवाह बनाकर पाकिस्तान के उस नैरेटिव को ध्वस्त कर दिया, जिसमें कहा जाता है कि भारत केवल 'वोट' के लिए पाकिस्तान पर कड़ा रुख अपनाता है।

वीरांश ने बहस को व्यक्तिगत अनुभव से जोड़ा। उन्होंने याद दिलाया जब मार्च 1993 में मुंबई के प्लाजा सिनेमा में RDX धमाके हुए और 257 लोग मारे गए। वीरांश ने पूछा, 'क्या उस वक्त कोई चुनाव था? नहीं, चुनाव 3 साल दूर थे। वह वोट के लिए नहीं, बल्कि दाऊद और ISI द्वारा भारत की आर्थिक रीढ़ तोड़ने के लिए किया गया 'युद्ध' था।'

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