कौन हैं अनुराधा और विकास सिन्हा? अमेरिकी यूनिवर्सिटी को दान किए ₹1,903,568,000! भारतीय कपल के नाम पर बनेगा AI कॉलेज
Anuradha and Vikas Sinha: 'अमेरिकन ड्रीम' को साकार करने में अप्रवासियों की भागीदारी का उदाहरण पेश करते हुए भारतीय मूल के एक इंजीनियर कपल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस्ड एनालिटिक्स के लिए अमेरिका में एक कॉलेज स्थापित करने के वास्ते यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास (UNT) को $20 मिलियन यानी करीब ₹190.34 करोड़ दान किए हैं
Anuradha and Vikas Sinha: इंजीनियर कपल अनुराधा और विकास सिन्हा ने अमेरिकी यूनिवर्सिटी को यह दान दिए हैं
Who is Anuradha and Vikas Sinha: अमेरिका में भारतीय मूल के एक इंजीनियर कपल ने एजुकेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में बड़ी मिसाल पेश की है। अनुराधा और विकास सिन्हा ने अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास (UNT) को 2 करोड़ डॉलर यानी करीब 190 करोड़ रुपये से अधिक का बड़ा दान दिया है। इस रकम से यूनिवर्सिटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस्ड एनालिटिक्स को समर्पित एक नया कॉलेज स्थापित किया जाएगा।
विकास और अनुराधा का University of North Texas से रिश्ता केवल दान देने तक सीमित नहीं है। विकास खुद इसी यूनिवर्सिटी से PhD कर चुके हैं। इसी वजह से उनका नया $20 मिलियन (करीब ₹190 करोड़) का योगदान उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी खास माना जा रहा है।
कपल के नाम पर होगा कॉलेज
हमारे सहयोगी 'फर्स्ट पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ने बताया कि नए संस्थान का नाम 'अनुराधा और विकास सिन्हा कॉलेज ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड एडवांस्ड एनालिटिक्स (Anuradha and Vikas Sinha College of Artificial Intelligence and Advanced Analytics)' रखा जाएगा। यह कॉलेज छात्रों और फैकल्टी के लिए नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ AI, इंटेलिजेंट सिस्टम्स और डेटा एनालिटिक्स के क्षेत्र में एजुकेशन एवं रिसर्च का प्रमुख केंद्र बनेगा।
दो प्रमुख डिवीजनों में काम करेगा कॉलेज
नया कॉलेज मुख्य रूप से दो डिवीजनों के तहत काम करेगा। 'डिवीजन ऑफ एप्लाइड इंटेलिजेंस एंड इंफॉर्मेटिक्स (Division of Applied Intelligence and Informatics)' का फोकस इंटेलिजेंट सिस्टम्स को विकसित करने और उन्हें वास्तविक दुनिया में लागू करने पर होगा। वहीं, 'डिवीजन ऑफ इंफॉर्मेशन एंड लर्निंग एप्लीकेशन्स (Division of Information and Learning Applications)' यह अध्ययन करेगा कि इंसानों और संस्थानों के बीच सूचना एवं इंटेलिजेंट सिस्टम किस तरह काम करते हैं। इससे AI को केवल तकनीकी नजरिए से नहीं। बल्कि मानव समाज, संस्थानों और विभिन्न क्षेत्रों में उसके इस्तेमाल के व्यापक संदर्भ में समझने पर भी जोर दिया जाएगा।
दान से बनाए जाएंगे छह स्थायी फंड
UNT के मुताबिक, सिन्हा कपल की $20 मिलियन की इस मदद से छह स्थायी एंडोमेंट स्थापित किए जाएंगे। इनका इस्तेमाल कॉलेज के नेतृत्व, छात्रों की स्कॉलरशिप, प्रोफेसरशिप और इनक्यूबेशन, एडवांस्ड रिसर्च तथा उभरती तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा। विकास सिन्हा ने कहा कि एजुकेशन ने उनके जीवन में आगे बढ़ने के रास्ते खोले और अब वे चाहते हैं कि दूसरे लोगों के लिए भी ये दरवाजे खुले रहें।
उन्होंने कहा कि यह दान उनके लिए अवसर को आगे बढ़ाने और यह पहचानने का माध्यम है कि प्रवासी केवल अमेरिकी सपने में हिस्सा नहीं लेते। बल्कि उसे बनाने में भी योगदान देते हैं। ब्रॉडकॉम (Broadcom) के वाइस प्रेसिडेंट विकास सिन्हा ने कहा, "हमारे लिए, यह उपहार उस अवसर को आगे बढ़ाने और यह पहचानने के बारे में है कि अप्रवासी केवल 'अमेरिकन ड्रीम' में भाग ही नहीं लेते बल्कि वे इसे बनाने में मदद भी करते हैं।"
भारत से US एकेडेमिया और टेक्नोलॉजी तक
विकास और अनुराधा सिन्हा ने 'श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी' से सिविल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए भारत से अमेरिका का रुख किया था। इसके बाद दोनों ने फ्लोरिडा अटलांटिक यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट डिग्री हासिल की। विकास ने बाद में नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की। फिर 2023 में 'यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ टेक्सास' से अपनी PhD पूरी की।
विकास ने कहा, "यही एक बड़ी वजह है कि अनु (अनुराधा) और मुझे UNT पर इतना भरोसा है कि वह छात्रों के लिए क्या कुछ मुमकिन बना सकता है। इसमें वे छात्र भी शामिल हैं जो दूसरे देशों से वही महत्वाकांक्षा और शिक्षा में वही विश्वास लेकर यहां आ सकते हैं, जो कभी हमारे पास हुआ करता था।"
यह कॉलेज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटेलिजेंट सिस्टम और डेटा एनालिटिक्स पर केंद्रित एक एकेडमिक और रिसर्च हब के तौर पर काम करेगा। यह AI, साइबरसिक्योरिटी, डेटा साइंस, एडवांस्ड एनालिटिक्स, हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स, इंफॉर्मेशन साइंस, लाइब्रेरी साइंस और लर्निंग टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता को एक साथ लाएगा। विकास सिन्हा ने कहा, "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारी पीढ़ी की अहम टेक्नोलॉजी में से एक होगी। उन लोगों को तैयार करने में यूनिवर्सिटी की अहम भूमिका होगी जो इसके भविष्य को आकार देंगे।"
उन्होंने कहा, "UNT के विजन के बारे में जो बात हमें उत्साहित करती है। वह यह है कि यह कॉलेज छात्रों को सिर्फ AI का इस्तेमाल करना ही नहीं सिखाएगा। बल्कि यह उन्हें इसे बनाने, समझने, इस पर सवाल उठाने, इसे नियंत्रित करने और जिम्मेदारी से इसका इस्तेमाल करने के लिए तैयार करेगा। इससे इंटेलिजेंट सिस्टम को बनाने वाले और उनकी देखभाल करने वाले दोनों तरह के लोग तैयार होंगे।"
इस कॉलेज में 'अप्लाइड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस इंस्टीट्यूट' भी होगा, जो UNT में AI और एनालिटिक्स रिसर्च और शिक्षा को जोड़ेगा। साथ ही इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च, साझा इंफ्रास्ट्रक्चर, बाहरी रिसर्च फंडिंग और इंडस्ट्री के साथ साझेदारी को बढ़ावा देगा। विकास वर्तमान में Broadcom के मेनफ्रेम सॉफ्टवेयर डिवीजन में वाइस प्रेसिडेंट हैं। वे 2023 से UNT के 'कॉलेज ऑफ इंफॉर्मेशन लीडरशिप बोर्ड' के सदस्य भी हैं।
पहले भी दे चुके हैं दान
यह हालिया दान इस कपल की ओर से दिए गए दो पहले के बड़े तोहफों के बाद आया है। 2024 में उन्होंने 'अनुराधा और विकास सिन्हा डिपार्टमेंट ऑफ डेटा साइंस' की स्थापना की थी। साथ ही स्कॉलरशिप, फैकल्टी, रिसर्च और खास पहलों के लिए एंडोमेंट भी दिए। फिर 2025 में उन्होंने 'सिन्हा इनोवेशन लैब फ़ॉर डेटा साइंस' की स्थापना के लिए एक और बड़ा योगदान दिया।
UNT ने कहा कि यह हालिया तोहफा छात्रों की सफलता, रिसर्च और इनोवेशन से जुड़े उसके लक्ष्यों को और आगे बढ़ाएगा। साथ ही ग्रेजुएट को ऐसे वर्कफोर्स के लिए तैयार करने में मदद करेगा जो तेजी से AI और डेटा से प्रभावित हो रहा है।