महंगा प्याज न सिर्फ सब्जियों का आपका बजट बढ़ा रहा है बल्कि इससे पूरी थाली महंगी हो गई है। रेटिंग एजेंसी Crisil ने इस बारे में एक कैलकुलेशन पेश किया है। इसमें कहा गया है कि नवंबर में आपकी थाली की कॉस्ट बढ़ने जा रही है। दरअसल, प्याज की कीमत 80 रुपये प्रति किलो से ज्यादा हो गई है। अक्टूबर में भी प्याज की कीमत बढ़ी थी। तब यह 34 रुपये से बढ़कर 40 रुपये प्रति किलो हो गई थी। इससे थाली की कॉस्ट में कमी नहीं आई। हालांकि, आलू और टमाटर की कीमतों में गिरावट से शाकाहरी थाली की कीमत 27.5 रुपये थी। यह एक साल पहले के मुकाबले 5 फीसदी और सितंबर से 1 फीसदी कम है।
नवंबर त्योहारों का मौसम है। सबसे बड़ा त्योहार दिवाली इसी महीने आता है। इस बार दिवाली 12 नवंबर को है। उत्तर भारत में दिवाली के मौके पर लोग नए कपड़े खरीदते हैं। खासकर बच्चों के लिए नई ड्रेस खरीदी जाती है। इसके अलावा त्योहार से जुड़े कई दूसरे खर्च भी होते हैं।
क्रिसिल ने बताया है कि आलू की कीमत में 21 फीसदी गिरावट आई है, जबकि टमाटर 38 फीसदी गिरा है। इससे कुल मिलाकर थाली की कीमत नियंत्रण में रही है। नॉन-वेजिटेरियन थाली की कीमत में साल दर साल आधार पर 7 फीसदी गिरावट आई। इसकी कीमत 58.4 रुपये थी। सितंबर से तुलना करने पर यह कीमत 3 फीसदी कम है।
नॉन-वेजिटेरियन थाली की कीमत में तेज गिरावट की वजह ब्रॉयलर की कीमत में नरमी थी। नॉन-वेज थाली में इसकी हिस्सेदारी 50 फीसदी होती है। इसकी कीमत करीब 5-7 फीसदी गिरी है। सरकार ने रसोई गैस की कीमत घटाने का ऐलान किया। अब रसोई गैस की कीमत 200 रुपये घटकर 953 रुपये हो गई है। क्रिसिल का कहना है कि इसका असर भी थाली की कॉस्ट पर पड़ा है। वेज थाली की कॉस्ट में रसोई गैस की हिस्सेदारी 14 फीसदी और नॉन-वेज थाली में 8 फीसदी होती है।