दूरसंचार विभाग ने स्पेक्ट्रम की नीलामी और आवंटन के लिए कैबिनेट नोट सर्कुलेट किया है। इसके साथ ही सर्कुलेट किये गये कैबिनेट नोट पर टेलीकॉम डिपार्टमेंट सभी सभी संबंधित मंत्रालयों से की जाने वाली नीलामी पर राय मांगी है। सीएनबीसी-आवाज़ के एक्सक्लूसिव सूत्रों के मुताबिक दूरसंचार विभाग स्पेक्ट्रम नीलामी के साथ-साथ स्पेक्ट्रम आवंटन के प्रस्ताव पर कैबिनेट की मंजूरी एक हफ्ते के अंदर लेगा। इसके पहले हमने सूत्रों के हवाले से ये खबर दी थी कि टेलीकॉम सेक्टर की दो कंपनियों भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और वोडाफोन आइडिया (Vodafone-Idea) को बिना नीलामी के स्पेक्ट्रम आवंटित करेगी। अब सूत्र बता रहे हैं कि इसके लिए कैबिनटे नोट भी सर्कुलेट कर दिया गया है।
इस खबर पर और अधिक जानकारी बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के असीम मनचंदा ने कहा कि स्पेक्ट्रम की नीलामी के संबंध में दूरसंचार विभाग ने कैबिनेट नोट सर्कुलेट किया है। उन्होंने कहा कि इस नोट में सभी संबंधित मंत्रालयों से नीलामी पर राय मांगी गई है। सूत्रों का कहना है कि टेलीकॉम विभाग एक हफ्ते के अंदर कैबिनेट से मंजूरी लेगा। इसमें स्पेक्ट्रम नीलामी के साथ-साथ स्पेक्ट्रम आवंटन करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
असीम ने आगे कहा कि जब तक नीलामी नहीं होती कंपनियों को स्पेक्ट्रम का आवंटन होगा। इसके पीछे का कारण ये है कि वोडाफोन आइडिया (Vodafone-Idea) और भारती एयरटेल (Bharti Airtel) के 6 लाइसेंस 9 फरवरी को खत्म हो रहे हैं। इसलिए विभाग बिना नीलामी के इन कंपनियों को स्पेक्ट्रम देगा लेकिन बाद में इन कंपनियों को नीलामी प्रक्रिया से भी गुजरना होगा।
असीम मनचंदा ने और जानकारी देते हुए कहा कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद सरकार नीलामी के लिए आवेदन मंगाएगी। इस नीलामी प्रक्रिया और आवंटन के लिए 45 दिन का वक्त लगेगा। सरकार का इरादा मार्च अंत तक स्पेक्ट्रम नीलामी करने का है। इसकी वजह से जिन कंपनियों के लाइसेंस इससे पहले खत्म हो रहे हैं उन्हें स्पेक्ट्रम आवंटित करने का फैसला लिया जा सकता है।
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)