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बंजर जमीन में शुरू कर दें यह खेती, सिर्फ एक बार मेहनत और सालों तक होगी ताबड़तोड़ कमाई

मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र की कई बंजर और कम जल धारण क्षमता वाली जमीनें किसानों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। लेकिन बांस की खेती से यह जमीन लाभ का अवसर बन सकती है। सीधी जिले के पास शहडोल की पेपर मिल बांस खरीदती है, जिससे किसानों को निरंतर बाजार और आय सुनिश्चित होती है

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Nov 29, 2025 पर 11:57 AM
बंजर जमीन में शुरू कर दें यह खेती, सिर्फ एक बार मेहनत और सालों तक होगी ताबड़तोड़ कमाई
बांस की खेती के लिए जुलाई-अगस्त का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है।

मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में आज भी कई ऐसे इलाके हैं, जहां पारंपरिक फसलें उगाना कठिन साबित होता है। खासकर वो भूमि, जिसकी जल धारण क्षमता कम है, किसानों के लिए हमेशा चुनौती बनी रहती है। ऐसी बंजर जमीन पर खेती करना मुश्किल होता है और आम फसलों से पर्याप्त मुनाफा भी नहीं मिलता। लेकिन अब बांस की खेती इस चुनौती को अवसर में बदल सकती है। बांस की फसल न केवल कम पानी में उगती है, बल्कि इसका बाजार भी सुनिश्चित है। सीधी जिले के पास शहडोल जिले में बड़ी पेपर मिल मौजूद है, जो बांस की बड़ी मात्रा खरीदती है।

इसका मतलब है कि किसानों को बांस की बिक्री में किसी तरह की परेशानी नहीं होती। इससे न केवल बंजर भूमि का उपयोग बढ़ेगा, बल्कि किसानों को स्थायी और लाभकारी आय का स्रोत भी मिलेगा। बांस की खेती लंबे समय तक कमाई देने वाली फसल बनकर उभर रही है।

बांस की खेती का सही समय और तरीका

कृषि विशेषज्ञ राजेश सिंह लोकल 18 से बात करते हुए बताते हैं कि, बांस की खेती के लिए जुलाई-अगस्त का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस दौरान पौधों को पर्याप्त नमी और पोषण मिलता है, जिससे उनकी बढ़त तेज होती है। खेती के लिए ऐसी मिट्टी सबसे बेहतर रहती है जिसमें रेत, कंकड़ या पत्थर मौजूद हों और जल निकासी अच्छी हो।

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