मार्च का महीना किसानों के लिए एक नई शुरुआत लेकर आता है, खासकर भिंडी की खेती करने वालों के लिए। यह फसल न केवल तेजी से तैयार होती है बल्कि बाजार में भी इसकी अच्छी मांग रहती है। महज 30 से 45 दिनों में लहलहाने वाली यह फसल किसानों के लिए कम समय में मुनाफा कमाने का सुनहरा मौका होती है। लेकिन सही देखभाल के अभाव में कीट और रोगों का प्रकोप फसल को बर्बाद कर सकता है, जिससे मेहनत पर पानी फिर सकता है। भिंडी की खेती में लीफ हॉपर, सफेद मक्खी, लाल मकड़ी और फल छेदक जैसे कीट बड़ी समस्या बन सकते हैं। इसके अलावा, पिला शिरा चित्ती रोग और चूर्णिल फफूंद जैसी बीमारियाँ उत्पादन को प्रभावित कर सकती हैं।
