आजकल रासायनिक खादों के बढ़ते इस्तेमाल से न सिर्फ खेतों की मिट्टी बंजर हो रही है, बल्कि इससे उपजा अनाज भी हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है। इसी बीच बिहार के सारण जिले के एक किसान ने खर्च कम करने और तगड़ा मुनाफा कमाने का एक बेहतरीन फॉर्मूला खोज निकाला है। दरियापुर प्रखंड के खानपुर गांव के रहने वाले रणजीत सिंह पिछले 8 सालों से पूरी तरह जैविक खेती कर रहे हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र, मांझी से ट्रेनिंग लेने के बाद रणजीत सिंह आज बड़े पैमाने पर ड्रैगन फ्रूट, पपीता, केला और हाइब्रिड ओल (जिमीकंद) जैसी फसलों की बंपर पैदावार ले रहे हैं। खास बात यह है कि वे बाजार से महंगी खाद खरीदने के बजाय मात्र 200 से 250 रुपये के खर्च में घर पर ही 'जीव अमृत' लिक्विड खाद तैयार कर लेते हैं। उनकी इस तकनीक को सीखने के लिए अब दूर-दूर से किसान उनके पास आ रहे हैं, जिन्हें वे बिल्कुल मुफ्त में ट्रेनिंग दे रहे हैं।
जीव अमृत लिक्विड खाद बनाने के लिए चाहिए ये 5 चीजें
रणजीत सिंह के मुताबिक, 1 एकड़ खेत के लिए लगभग 80 लीटर जीव अमृत लिक्विड खाद आसानी से बनाई जा सकती है। इसके लिए आपको बाजार से कोई महंगी चीज नहीं लानी है, बस नीचे दी गई 5 घरेलू चीजों की जरूरत होगी:
बनाने और इस्तेमाल करने का सबसे आसान तरीका
खेत में डालने का तरीका: इस ड्रम में एक छोटा नल लगा दें। जब आप बोरिंग या ट्यूबवेल से खेत की सिंचाई कर रहे हों, तो पानी की मुख्य धार पर इस नल को थोड़ा खोल दें। यह खाद पानी के साथ मिलकर पूरे खेत में अपने आप फैल जाएगी। इसके अलावा, आप इसे छानकर स्प्रे मशीन के जरिए फसलों पर छिड़काव भी कर सकते हैं। धान, मक्का, हरी सब्जियां और फलदार पौधों सहित यह खाद हर फसल के लिए अमृत समान है।
रासायनिक बनाम जैविक खाद: क्यों है यह जरूरी?
रणजीत सिंह बताते हैं कि रासायनिक खाद एक तरह से फसलों के लिए धीमा जहर बनती जा रही है। लगातार इसके इस्तेमाल से खेत अपनी उपजाऊ शक्ति खो रहे हैं और लोगों में बीमारियां बढ़ रही हैं।
इसके विपरीत, खुद की बनाई जैविक खाद (जैसे जीव अमृत और घन अमृत) डालने से मिट्टी में केंचुओं और फायदेमंद बैक्टीरिया की संख्या बढ़ती है, जिससे जमीन सालों-साल उपजाऊ बनी रहती है। रासायनिक खाद की तुलना में जैविक खाद से उगी साग-सब्जियां और अनाज कहीं अधिक पौष्टिक और सुरक्षित होते हैं। यही वजह है कि अब सरकार भी जैविक खेती को बढ़ावा देने पर पूरा जोर दे रही है।
लागत नाममात्र, मुनाफा कई गुना
आमतौर पर किसान बाजार से हजारों रुपये की रासायनिक खाद और कीटनाशक खरीदते हैं, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती है और मुनाफा कम होता है। रणजीत सिंह के इस फॉर्मूले को अपनाकर किसान भाई अपनी लागत को सीधे 80% तक कम कर सकते हैं। ₹250 से भी कम में तैयार यह खाद न सिर्फ पैसों की बचत करती है, बल्कि फसल की क्वालिटी में सुधार कर बाजार में उसकी बेहतर कीमत भी दिलवाती है।