Mango Farming: आम के छोटे-छोटे दाने झड़ रहे हैं? अपनाएं ये आसान तरीका

आम की खेती किसानों के लिए बहुत ही लाभकारी व्यवसाय साबित होती है। आम का स्वाद जितना लाजवाब होता है, यह स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है, इसलिए इसकी मांग हमेशा अधिक रहती है। यही कारण है कि आम महंगे दामों में बिकता है, जिससे बागवानों को अच्छा खासा मुनाफा होता है

अपडेटेड Mar 08, 2026 पर 2:02 PM
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Mango Farming: आम के पेड़ों में जिप्सम का उपयोग करने से कई तरह के रोगों को नियंत्रित किया जा सकता है।

आम की खेती किसानों के लिए हमेशा फायदे का सौदा मानी जाती है। लेकिन कई बार बौर आने के बाद जब पेड़ों पर छोटे-छोटे आम बनने लगते हैं, तब फल झड़ने की समस्या बढ़ जाती है। इस समय पेड़ों में रोग भी लगने लगते हैं, जिससे पैदावार कम हो जाती है और किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में सही समय पर देखभाल और जरूरी पोषक तत्वों का छिड़काव करने से इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है और उत्पादन भी बेहतर मिलता है।

विशेषज्ञों ने दी जरूरी सलाह

जिला कृषि रक्षा अधिकारी विजय कुमार के अनुसार क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आम की बागवानी की जाती है और इससे किसानों को अच्छी आमदनी भी होती है। लेकिन बौर आने के बाद जब छोटे-छोटे फल बनने लगते हैं, तब कई तरह के रोग लगने और फलों के झड़ने की समस्या बढ़ जाती है। अगर किसान समय रहते सही पोषक तत्वों का उपयोग करें, तो इस परेशानी से बचा जा सकता है।


मार्च में शुरू होता है फल बनने का दौर

मार्च के महीने में आम के पेड़ों पर मटर के दाने जितने छोटे फल बनने लगते हैं। इस समय किसानों को पेड़ों में खास पोषक तत्वों का उपयोग करना चाहिए। इससे फल झड़ने की समस्या कम होती है, फल का आकार भी बड़ा होता है और उत्पादन में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलती है।

पोटेशियम नाइट्रेट का छिड़काव फायदेमंद

पोटेशियम नाइट्रेट में नाइट्रोजन और पोटेशियम की अच्छी मात्रा होती है, जो आम के फलों के विकास में मदद करती है। इसके उपयोग से छोटे फलों के झड़ने की समस्या कम होती है और फल का आकार भी बेहतर होता है।

जिप्सम से रोगों पर नियंत्रण

आम के पेड़ों में जिप्सम का उपयोग करने से कई तरह के रोगों को नियंत्रित किया जा सकता है। यह पेड़ों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है, जिससे फसल पर रोगों का असर कम होता है और उत्पादन बेहतर मिलता है।

मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में मददगार

जिप्सम मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में भी सहायक होता है। इससे पेड़ों को पर्याप्त पोषण मिलता है और फल तेजी से तथा अच्छी गुणवत्ता के साथ विकसित होते हैं।

ऐसे करें पोटेशियम नाइट्रेट का इस्तेमाल

किसानों को 1 लीटर पानी में लगभग 2 ग्राम पोटेशियम नाइट्रेट मिलाकर घोल तैयार करना चाहिए और इसका छिड़काव आम के पेड़ों पर करना चाहिए। इससे पेड़ों की बढ़त अच्छी होती है और फलों का आकार भी बेहतर हो जाता है।

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