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25 साल का एक्सपीरियंस! ढाई दशक से कुंवर दास को लगातार कमाई करा रही ये खास सब्जी की खेती, तूफानी मौसम का भी असर नहीं

अक्सर सब्जी की खेती को रिस्की माना जाता है। लेकिन सबसे बड़ा रिस्क खराब मौसम का होता है। मौसम अनुकूल नहीं हुआ तो आपकी लागत निकलना तो दूर, सब्जी की खेती भयानक घाटे की ओर भी ले जाती है। पर ऐसी भी मिसालें हैं जिन्होंने सब्जी की खेती से काफी मुनाफा कमाया है।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jun 12, 2026 पर 12:59 PM
25 साल का एक्सपीरियंस! ढाई दशक से कुंवर दास को लगातार कमाई करा रही ये खास सब्जी की खेती, तूफानी मौसम का भी असर नहीं
बारिश-ओलावृष्टि में भी 25 साल से मुनाफा कमा रहा ये किसान

अक्सर सब्जी की खेती को रिस्की माना जाता है। सबसे बड़ा रिस्क खराब मौसम का होता है। मौसम अनुकूल नहीं हुआ तो आपकी लागत निकलना तो दूर, सब्जी की खेती भयानक घाटे की ओर भी ले जाती है। पर ऐसी भी मिसालें हैं जिन्होंने अपनी मेहनत और कौशल का ऐसा कॉकटेल बनाया है जिसने उन्हें सब्जी की खेती में भी दशकों से मुनाफा कमवाया है। ऐसी ही एक कहानी हरियाणा से सामने आई है।हरियाणा के फरीदाबाद जिले के एक प्रगतिशील किसान ने अपनी सूझबूझ से खेती को मुनाफे का पक्का सौदा बना दिया है। फरीदाबाद के सुनपेड़ गांव के रहने वाले किसान कुंवर दास पिछले ढाई दशक (25 साल) से एक खास सब्जी की खेती कर रहे हैं। हाल ही में हुए खराब मौसम, भारी बारिश और ओलावृष्टि के बावजूद उनकी फसल सुरक्षित रही और कमाई पर कोई आंच नहीं आई।

हमारे सहयोगी चैनल लोकल 18 से बात करते हुए कुंवर दास बताते हैं कि जोखिम भरे मौसम में भी इस खास सब्जी ने उन्हें कभी निराश नहीं किया और हर साल वह इससे बंपर मुनाफा कमा रहे हैं.

लोबिया की खेती: 25 सालों का अटूट भरोसा

किसान कुंवर दास साल 2000 से भी पहले से लगातार लोबिया (Cowpea) की खेती करते आ रहे हैं। इस समय उन्होंने अपनी एक एकड़ जमीन पर लोबिया की फसल लगाई हुई है। उनका अनुभव कहता है कि फरीदाबाद के बेहद कम किसान लोबिया की खेती की तरफ रुख करते हैं, जबकि असल में यह किसानों के लिए सबसे बड़ा सहारा है। कुंवर दास के मुताबिक, उन्होंने अपने इतने लंबे करियर में इस फसल में कभी घाटा नहीं देखा। मौसम का मिजाज कैसा भी हो, लोबिया की फसल किसी न किसी रूप में किसान की लागत और मुनाफा निकालकर उसकी आर्थिक मदद कर ही देती है।

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