Cucumber Farming: गर्मी में सबसे ज्यादा बिकने वाली फसल, 45 दिन में फल और किसानों की तगड़ी कमाई

Cucumber Farming: गर्मियों में खीरे की मांग बढ़ने से बाजार में इसका अच्छा दाम मिलता है। इसी वजह से किसान किशोर कुमार हर सीजन इस खेती से दो लाख रुपये से ज्यादा की कमाई कर लेते हैं। किसान के अनुसार इसमें लागत कम लगती है और करीब 45 से 60 दिनों में फल आना शुरू हो जाता है

अपडेटेड Mar 15, 2026 पर 3:52 PM
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Cucumber Farming: किसान के अनुसार खीरे की खेती में ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता।

गर्मी का मौसम शुरू होते ही बाजार में खीरे की मांग तेजी से बढ़ने लगती है। शरीर को ठंडक देने और ताजगी बनाए रखने के कारण लोग इस फल को अपने रोजाना के भोजन में शामिल करना पसंद करते हैं। सलाद से लेकर हल्के स्नैक्स तक, खीरा गर्मियों में लोगों की पहली पसंद बन जाता है। यही वजह है कि इस सीजन में बाजार में इसकी बिक्री भी काफी बढ़ जाती है और किसानों को इसका अच्छा दाम मिल जाता है। खेती के लिहाज से भी खीरा एक ऐसी फसल मानी जाती है, जो कम समय में तैयार हो जाती है और किसानों को जल्दी आमदनी का मौका देती है।

कम लागत और कम समय में उत्पादन शुरू होने की वजह से यह खेती कई किसानों के लिए लाभ का सौदा साबित हो रही है। यही कारण है कि गर्मियों के मौसम में कई किसान खीरे की खेती की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं और इससे बेहतर कमाई कर रहे हैं।

अररिया के किसान की सफल खेती


बिहार के अररिया जिले के कचहरी बलुआ गांव के किसान किशोर कुमार इस समय खीरे की खेती से शानदार कमाई कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस सीजन में वे आधे एकड़ जमीन पर खीरे और बाकी आधे एकड़ में कदीमा की खेती कर रहे हैं। किसान के अनुसार इन फसलों में ज्यादा खर्च नहीं आता और बाजार में अच्छा दाम मिलने से बढ़िया मुनाफा मिल जाता है।

45 से 60 दिनों में मिलने लगते हैं फल

खीरे की खेती की खास बात यह है कि इसमें ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ता। किसान बताते हैं कि बुवाई के करीब 45 से 60 दिनों के भीतर पौधों पर फूल और फल आने लगते हैं। इसके बाद हर दो से चार दिन के अंतराल पर लगभग 1 से 2 क्विंटल तक खीरे की तुड़ाई की जाती है, जिससे लगातार आमदनी होती रहती है।

देसी तकनीक से तैयार होता है ‘अलान’

किसान किशोर कुमार बताते हैं कि खीरे की खेती में देसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें ‘अलान’ बनाया जाता है, जो बांस और रस्सी की मदद से तैयार किया जाता है। इस तरीके से पौधे ऊपर की ओर फैलते हैं और फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।

कम लागत, ज्यादा मुनाफे वाली फसल

किसान के अनुसार खीरे की खेती में ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता। इसमें जैविक खाद का इस्तेमाल करना ज्यादा फायदेमंद रहता है। साथ ही इस फसल में अधिक सिंचाई की भी जरूरत नहीं पड़ती। तेज गर्मी के दिनों में केवल एक-दो बार अच्छी सिंचाई करनी होती है, बाकी समय हल्की सिंचाई से भी काम चल जाता है।

एक सीजन में दो लाख रुपये तक की कमाई

किशोर कुमार बताते हैं कि अगर खेती सही तरीके से की जाए तो खीरे की फसल से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। बाजार में मांग ज्यादा होने के कारण किसान एक सीजन में करीब दो लाख रुपये या उससे भी अधिक की कमाई कर सकते हैं। यही वजह है कि इस समय कई किसान खीरे की खेती की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।

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