Dwi Dwadash Yog: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि या नक्षत्र परिवर्तन के साथ ही उनके सामान्य संयोग और विशेष परिस्थियों में बनने वाले संयोग को भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसा ही एक संयोग बल और पराक्रम के कारक मंगल ग्रह और बुद्धि, वाणि और कारोबार के कारक बुध ग्रह के बीच बना है। इस योग का नाम द्विद्वादश योग है, जिसका निर्माण 8 अगस्त 2026 को हुआ है।
