Guru Nakshatra Parivartan 2026: ज्योतिष शास्त्र में शुभ ग्रहों में बृहस्पति ग्रह का नाम सबसे ऊपर आता है। इसी तरह इनके स्वामित्व वाले पुष्य नक्षत्र को भी नक्षत्रों का राजा माना जाता है। बृहस्पति न सिर्फ सबसे बड़े ग्रह हैं, बल्कि देवताओं के गुरु भी हैं। इसलिए इनकी स्थिति कोई भी बदलाव सभी 12 राशियों के जातकों को प्रभावित करता है। इस ग्रह के राशि परिवर्तन से लेकर उदय-अस्त, वक्री-मार्गी ही नहीं नक्षत्र परिवर्तन पर भी ज्योतिष विशेषज्ञों की नजर रहती है। देवगुरु बृहस्पति आज यानी 19 जुलाई को पुष्य नक्षत्र के तीसरे चरण में प्रवेश करने जा रहा हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सभी 27 नक्षत्रों को चार भागों में बांटा गया है। धार्मिक नजरिए से पुष्य नक्षत्र में गुरु का गोचर सुख, समृद्धि, ज्ञान और धन में वृद्धि करने वाला माना गया है। गुरु का अपने स्वामित्व वाले नक्षत्र में प्रवेश कुछ विशेष राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित होगा।
