Mercury's retrograde motion 2026: ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को संचार, वाणी और व्यापार का कारक माना जाता है। इस समय ये ग्रह मिथुन राशि में गोचर कर रहा है। इस राशि में रहते हुए इसकी चाल वक्री हो गई है। ज्योतिष शास्त्रों में ग्रहों का राशि या नक्षत्र परिवर्तन ही मायने नहीं रखता है, बल्कि उनका उदय या अस्त होना और वक्री या मार्गी होना भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसका प्रभाव सभी 12 राशियों के जातकों पर पड़ता है।
बुध ग्रह भी 29 जून 2026 का वक्री हो गया है यानी ये ग्रह अब उल्टी चाल चलेगा। ज्योतिष में बुध की वक्री चाल को थोड़ा पेचीदा माना जाता है, क्योंकि यह हमारी सोच, गैजेट्स और बातचीत को प्रभावित करती है। जाहिर सी बात है कि बुध की उल्टी चाल कुछ राशियों के लिए अच्छे तो कुछ अन्य के लिए परेशानियों का कारण बनेगी। आइए जानते हैं कि बुध की यह उल्टी चाल किन राशि के जातकों के लिए मुश्किलों का संदेश लेकर आ रही है।
वृश्चिक राशि : बुध आपके नौवें (भाग्य) भाव में वक्री हो रहे हैं। यहां कागजों की हेरफेर आपको भारी पड़ सकती है। इस दौरान यात्रा का सामान, टैक्स और कानूनी पेपर्स को संभालकर रखें। अगर आप राजनीति या धर्म से जुड़े हैं, तो पब्लिक में कोई भी बयान बहुत सोच-समझकर दें।
धनु राशि : बुध आपके आठवें भाव में वक्री हो रहे हें। यह समय आपके लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। इस दौरान पुरानी त्वचा से जुड़ी कोई बीमारी या इन्फेक्शन दोबारा उभर सकता है। किसी भी बिजनेस पार्टनरशिप या डील पर दोबारा विचार करें। कुछ ऐसी छिपी हुई बातें आपके सामने आएं, जो आपके हक में न हों।
कुंभ राशि : बुध आपके छठे भाव में वक्री हो रहे हैं। आने वाले कुछ हफ़्तों के लिए अपनी बड़ी प्लानिंग को होल्ड पर रख दें। पुरानी बीमारियां या कोर्ट-कचहरी के पुराने मामले फिर से सामने आ सकते हैं। अच्छी बात यह है कि इस बार आपको उनका स्थायी समाधान भी मिल सकता है।
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