Shadashtak Yog: ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और स्थिति के साथ ही इनके योग का भी बहुत महत्व है। कई बार कुछ ग्रहों का साथ आना कुछ राशियों के लिए अच्छा होता है और नए अवसरों के दरवाजे खोलता है। वहीं ये युति कुछ अन्य राशियों के लिए मुश्किलों का तूफान लेकर आती है। ऐसा ही एक योग देवताओं के गुरु बृहस्पति और सूर्य देव ने बनाया है। इन ग्रहों की युति से षडाष्टक योग का निर्माण हुआ है। ज्योतिष में इस योग को परंपरागत रूप से शुभ नहीं माना जाता है। आइए जानें कब बनता है ये योग और क्यों माना जाता है इस अशुभ?
दो ग्रह जब आपस में षष्ठ (6वें) और अष्टम (8वें) भाव से संबंध बनाते हैं, तब यह योग बनता है। परंपरागत रूप से इसे शुभ नहीं माना जाता है, क्योंकि 6वां और 8वां भाव कर्ज, रोग, शत्रु, आयु पर संकट और कठिनाइयों का सूचक है। इसलिए दो ग्रहों का यह संबंध सामान्यतः तनाव, संघर्ष या चुनौतियां लाता है। लेकिन, षडाष्टक योग हमेशा अशुभ नहीं होता है। कई स्थितियों में यह विकास का कारण भी बनता है।
पंचांग के अनुसार, सोमवार 15 दिसंबर, 2025 की सुबह 07:57 बजे से सूर्य और गुरु इस योग का निर्माण कर रहे हैं, जो 3 राशियों के लिए काफी फलदायी सिद्ध हो सकती है।
कर्क राशि : कर्क राशि के जातकों के लिए इस योग के बनने से पुराने संघर्ष और मुश्किलें पीछे छूटेंगी। नौकरी या व्यवसाय में तरक्की के अवसर बनेंगे। मित्रों और परिवार का सहयोग बढ़ेगा। निवेश और वित्तीय मामलों में समझदारी से निर्णय लाभदायक होंगे। मानसिक तनाव कम होगा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। संतान या विद्यार्थियों से जुड़ी खुशखबरी मिलने की संभावना है।
सिंह राशि : सिंह राशि वालों के लिए यह समय विशेष रूप से फलदायी रहेगा। सामाजिक मान-सम्मान और यश में वृद्धि होगी। धन लाभ और आर्थिक मजबूती के संकेत हैं। पुराने विवाद और परेशानियां कम होंगी। स्वास्थ्य और ऊर्जा में सुधार आएगा। महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सफलता मिलेगी और जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे।
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