Shani Asta 2026: शनि देव को ग्रहों का न्यायाधीश और कर्म फलदाता माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार ये ग्रह जातक को उसके कर्मों के अनुसार फल देता है। खास बात ये है कि इस मामले में ये कोई ढील नहीं बरतते, इसलिए इन्हें ज्योतिष के क्रूर और क्रोधी ग्रह के रूप में भी जाना जाता है। ये ग्रह एक राशि में ढाई साल तक रहता है, जिसे उस राशि की ढैया अवधि कहते हैं। इस समय शनि देव मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार शनि देव इसी राशि में अस्त होने जा रहे हैं। इससे 4 राशियों को ढैया और साढ़े साती में थोड़ी राहत मिल सकती है।
मीन राश में 13 मार्च को होंगे अस्त
शनि देव 13 मार्च 2026 से 21 अप्रैल 2026 तक मीन राशि में अस्त अवस्था में रहेंगे। जब कोई ग्रह अस्त होता है, तो उसका प्रभाव कुछ समय के लिए कमजोर हो जाता है। ज्योतिष मान्यता ओं के मुताबिक, इस दौरान कुछ राशियों को राहत और सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। खासकर जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का असर चल रहा है, उन्हें थोड़ी रा हत महसूस हो सकती है।
मेष राशि : मेष राशि के जातकों के लिए शनि का अस्त होना राहत देने वाला माना जा रहा है। साढ़ेसाती का दबाव कुछ कम महसूस हो सकता है। खर्चों पर नियंत्रण करना आसान होगा और आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आने लगेगा। काफी समय से अटके काम में गति आ सकती है। स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियां कम होंगी।
वृश्चिक राशि : वृश्चिक राशि के लोगों के लिए यह समय अच्छा साबित हो सकता है। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होंगे। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने का मौका बनेगा। आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। किसी नए प्रोजेक्ट की संभावना भी बन सकती है।
कुंभ राशि : कुंभ राशि वालों के लिए भी यह समय लाभदायक रह सकता है। साढ़ेसाती के असर से कुछ हद तक राहत मिल सकती है। मेहनत का अच्छा फल मिलने की संभावना है और आय के नए स्रोत भी बन सकते हैं। संपत्ति से जुड़े मामलों में फायदा मिलने के योग बन रहे हैं।
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