Surya-Shani Yuti: शनि और सूर्य को ज्योतिष शास्त्र में विराधाभासी ग्रह माना जाता है। हालांकि इन दोनों के बीच पिता-पुत्र का संबंध है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इनकी आपस में नहीं बनती है। इसलिए ज्योतिष में इन दोनों ग्रहों का एक साथ आना कठिन समय की शुरुआत का संकेत होता है। यूं तो ग्रहों के गोचर से सभी 12 राशियां प्रभावित होती हैं, लेकिन कुछ राशियों के ग्रह विशेष का गोचर अच्छा नहीं होता है। ऐसा ही कुछ चार राशियों के साथ हो सकता है, जब सूर्य और शनि देव 15 मार्च के बाद युति करेंगे।
कब होने वाली है सूर्य-शनि की युति?
15 मार्च के दिन सूर्य के मीन राशि में गोचर के साथ ही सूर्य-शनि के बीच युति होगी। यह युति अप्रैल मध्य माह तक बनी रहेगी। इस युति का प्रतिकूल प्रभाव 4 राशियों पर पड़ सकता है।
मेष राशि : सूर्य-शनि की युति आपके द्वादश भाव में बनेगी। इस युति के चलते आपको करियर के क्षेत्र में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खासकर उन लोगों को जो विदेशी कंपनियों में काम करते हैं या विदेशों से जुड़ा कारोबार करते हैं। आपको हर फैसला बेहद-सोच-समझकर लेने की आवश्यकता होगी। वैवाहिक जीवन में भी उतार-चढ़ाव इस दौरान आ सकते हैं।
सिंह राशि : आपकी राशि से अष्टम भाव में सूर्य और शनि की युति होगी। इस युति के चलते आपके आत्मविश्वास में कमी आ सकती है। आपके राशि के स्वामी सूर्य, शनि ग्रह के साथ युति बनाकर कमजोर अवस्था में होंगे। धन से जुड़ा कोई भी बड़ा निर्णय आपको इस दौरान नहीं लेना चाहिए, वरना आर्थिक हानि हो सकती है। रोजगार की तलाश में लगे लोगों को अपने प्रयास बढ़ाने होंगे।
कुंभ राशि : कुंभ राशि के लोगों का संचित धन किसी अनावश्यक वजह से खर्च हो सकता है। पैतृक कारोबार करने वालों को हर कदम फूंक-फूंककर रखना होगा नहीं तो नुकसान हो सकता है। यात्राओं के दौरान सावधान रहें कोई कीमती वस्तु खो सकती है। करियर के क्षेत्र में आपका गलत निर्णय आपको विपरीत परिस्थिति में डाल सकता है, इसलिए संभलकर रहें।
रोज सुबह स्नान के बाद सूर्य देव को जल का अर्घ्य अर्पित करें। माता-पिता की सेवा करने से भी सूर्य-शनि की युति के बुरे प्रभाव दूर हो सकते हैं। मंगलवार, शनिवार और रविवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें। काले कुत्ते को रोटी खिलाने से सूर्य-शनि की युति का नकारात्मक असर कम होगा।